Haryana weather, चंडीगढ़। हरियाणा प्रदेश के कई जिलों में रविवार शाम और सोमवार दिन में हुई तेज बारिश ने मौसम के पैटर्न में बदलाव का संकेत साफ़ दिया है। हरियाणा के हिसार, कैथल, सिरसा, फतेहाबाद और जींद जिलों में हुई तूफानी मूसलाधार बारिश के बाद शहरी क्षेत्रों की सड़कों पर जलभराव की स्थिति देखी गई। हरियाणा के मौसम विशेषज्ञों ने अलर्ट जारी किया है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में आगामी दो से तीन दिनों तक मौसम की यही स्थिति बनी रहने की संभावना बन रही है।
हरियाणा मौसम विभाग के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी पर बने निम्न दबाव के क्षेत्र और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 8 अक्टूबर तक प्रदेश के अनेक जिलों में मौसम परिवर्तन की गतिविधियां जारी बनी रहेंगी। इनमें बादलवाई, वर्षा, ओलावृष्टि और ठंडी हवाएं चलना शामिल हैं।
प्रदेश में बारिश प्रभावित जिलों का विवरण
मौसम विभाग ने विशेष रूप से पंजाब से सटे जिलों में मौसम के बदलाव की आशंका अभी जताई है। सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, अंबाला, करनाल और कैथल जिलों में बादलवाई, गरज-चमक के साथ वर्षा और ओलावृष्टि की स्थिति भी बन सकती है। इन क्षेत्रों में उत्तरी दिशा से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण हल्की शीतलता का अनुभव भी होगा।
हरियाणा के तापमान में दर्ज होगी गिरावट
सोमवार को हिसार में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सिरसा में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के अन्य जिलों में भी अधिकतम तापमान 34-35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22-25 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। आगामी तीन दिनों में वर्षा की संभावना को देखते हुए दिन और रात के तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की कमी आने का अनुमान है।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वर्तमान मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए रबी की फसलों की बुआई को स्थगित करना इस समय उचित रहेगा। साथ ही खुले में रखे अनाज को उचित ढंग से ढककर रखने की सिफारिश की गई है। विशेषज्ञों ने गरज के साथ तूफान, भारी वर्षा और ओलावृष्टि के साथ आंधी आने की भी संभावना भी जताई है।
मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसानों तथा आम जनता को सलाह दी गई है कि वे नवीनतम मौसम अपडेट पर ध्यान दें तथा आवश्यक सावधानी बरतें। प्रशासन द्वारा भी संभावित मौसमी आपदाओं से निपटने की तैयारियां की जा रही हैं।



