Haryana Weather:हरियाणा की धरती पर इन दिनों मौसम ने नया रंग दिखाना शुरू कर दिया है। बीते कुछ दिनों से गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों के चेहरों पर अब राहत की मुस्कान लौट आई है। आसमान में छाए बादलों के बादल और हवा में आई ताजगी ने लोगों को एहसास दिला दिया है कि अब गर्मी से निजात मिलने वाली है।
हरियाणा मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुककर हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा। इस बदलाव से न केवल बढ़ते तापमान में गिरावट आएगी, बल्कि मौसम भी सुहावना हो जाएगा। फरीदाबाद जैसे शहर, जहाँ लोग पिछले कुछ दिनों से गर्मी और उमस से बेहाल थे, अब बारिश की हल्की-हल्की बूंदें इस तपिश को ठंडक में बदल देंगी।
हरियाणा में मानसून का असर
हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदनलाल खीचड़ के अनुसार, 17 सितंबर तक मानसून की सक्रियता में थोड़ी कमी रहेगी, लेकिन उसके बाद यह तेजी से बढ़ेगी। इससे उत्तरी हरियाणा में बारिश का आंकड़ा बढ़ेगा और किसानों को खरीफ की फसलों के लिए पर्याप्त नमी मिल सकेगी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग और स्काईमेट वेदर की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 17 और 21 सितंबर को हरियाणा के कुछ जिलो समेत पूरे एनसीआर क्षेत्र में अच्छी बारिश होने की संभावना बन रही है। हरियाणा मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के उत्तर-पश्चिमी दिशा में मुड़ने से यह बदलाव आया है। इससे न केवल तापमान में गिरावट आएगी, बल्कि उमस से भी काफी हद तक राहत मिलेगी।
हरियाणा में इस सीजन की बारिश के आंकड़े
इस बार मानसून हरियाणा पर खूब मेहरबान रहा है। मौसम विभाग द्वारा मिले 12 सितंबर तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में सामान्य रूप से 395.4 MM तक बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक 564.6 MM बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह सामान्य से 43 प्रतिशत अधिक है। जिलेवार आंकड़ों में यमुनानगर में सबसे अधिक 1080 MM बारिश दर्ज की गई, जबकि सिरसा में सबसे कम 346 MM बारिश हुई।
आने वाले में दिनों में हरियाणा मौसम का पूर्वानुमान
17 सितंबर को पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और करनाल के अधिकांश इलाकों में हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना बन रही है। कैथल, जींद, पानीपत और सोनीपत के कुछ हिस्सों में भी बूंदाबांदी हो सकती है। 18 सितंबर को भी इन्हीं जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में आसमान साफ रहेगा।
मानसून की इस वापसी से कई जिलों के किसानों को खरीफ फसलों के लिए लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं आम लोगों को चिलचिलाती गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। मौसम विभाग ने लोगों से सलाह दी है कि वे बारिश के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतें और मौसम अपडेट पर नजर जरूर बनाए रखें।
हरियाणा का मौसम चक्र इस बार सामान्य से थोड़ा अलग भी दिख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से राज्य के मौसम पैटर्न में बदलाव आ रहा है। ऐसे में मौसम विभाग की भविष्यवाणियों पर निर्भर रहना और तदनुसार योजना बनाना ही समझदारी होगी। आने वाले दिनों में मौसम के बदलते पैटर्न पर नजर रखना जरूरी है, खासकर उनके लिए जो बाहरी गतिविधियों या खेती से जुड़े हैं।




