Haryanahalchal Desk, वार्षिक फास्टैग, नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार अब सार्वजनिक परिवहन को और सुविधाजनक व सस्ता बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। नितिन गडकरी के नेत्रत्व वाला केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय राज्य परिवहन निगम की बसों और निजी व्यावसायिक वाहनों के लिए भी वार्षिक फास्टैग पास लाने का विचार कर रहा है। मोदी सरकार इस योजना के तहत बस और कैब ऑपरेटर्स को भी निजी वाहन मालिकों की तरह वार्षिक फास्टैग सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
देश में परिवहन के महत्वपूर्ण आंकड़े
देश में सार्वजनिक परिवहन की बात करें तो निजी बसों की भूमिका सबसे बड़ी संख्या में है। बस एंड कार ऑपरेटर्स कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक देश में 92 प्रतिशत बसें निजी क्षेत्र की हैं, जिनकी संख्या लगभग बीस लाख तक है। रोजाना लगभग 40 करोड़ यात्री इन बसों से सफर करते हैं, जिनमें से 32 करोड़ यात्री निजी बसों का इस्तेमाल करते हैं। बता दे कि यह संख्या रेल और हवाई यात्रियों से कहीं अधिक है।
जानें क्या है वार्षिक फास्टैग की योजना?
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में एक कार्यक्रम में बताया कि जिस तरह निजी कार चालकों के लिए तीन हजार रुपये का वार्षिक फास्टैग शुरू किया गया है, ठीक वैसे ही उसी तरह की वार्षिक फास्टैग की सुविधा राज्य परिवहन और निजी बस व कैब चालकों को देने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, परिवहन से जुड़े वाहनों के टोल प्लाजा पर अधिक बार आने-जाने के कारण उनकी राशि अलग निर्धारित होगी।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुविधाओं का विकास
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से एक और महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे सुविधाएं विकसित करने के लिए केंद्र सरकार निजी बस संचालकों के समूहों को रियायती दर पर भूमि उपलब्ध कराने के लिए भी तैयार है। गडकरी ने सुझाव दिया है कि निजी बस संचालक एफपीओ की तरह समूह बनाकर आवेदन करें तो मंत्रालय राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे रियायती दरों पर उनको भूमि उपलब्ध कराएगा।
गति सीमा को लेकर एकरूपता की जरूरत
केंद्रीय मंत्री ने व्यावसायिक वाहनों की अधिकतम गति सीमा को लेकर भी बड़ी महत्वपूर्ण बात कही है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक वाहनों की अधिकतम गति सीमा कम और निजी वाहनों की अधिकतम गति सीमा अधिक होने की व्यवस्था से वह बिल्कुल सहमत नहीं हैं। राज्यों के परिवहन मंत्रियों की बैठकों में केंद्र की ओर से कई बार कहा गया है कि गति सीमा को लेकर देश भर में एकरूपता लाई जानी चाहिए।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद
इन सभी योजनाओं के क्रियान्वयन से देश की यातायात व्यवस्था में काफी सुधार होने की उम्मीद मंत्रालय को है। वार्षिक फास्टैग से टोल प्लाजा पर लंबी कतारों में भी कमी आएगी और यात्रियों का समय बचेगा। वहीं राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे सुविधाएं विकसित होने से देश भर के यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। मंत्रालय इन प्रस्तावों पर शीघ्र ही अंतिम निर्णय लेने की तैयारी में है।



