BHARATMALA PROJECT NEWS – केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला सड़क परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ से गंभीर आरोप सामने आए हैं। भारतमाला सड़क परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोपों के मद्देनजर, राज्य सरकार द्वारा गठित चार विशेष जांच दलों में से तीन की रिपोर्ट प्राप्त हो भी चुकी हैं, जिनमें 43 करोड़ रुपये के घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है।
भारतमाला सड़क परियोजना में जांच की वर्तमान स्थिति
रायपुर संभागायुक्त महादेव कावरे ने मिडिया से बताया कि “भारतमाला प्रोजेक्ट को लेकर मिली शिकायतों की जांच के लिए गठित चार जांच दलों में से तीन ने अपनी रिपोर्ट सौंप भी दी है, जिन्हें हमने केंद्र सरकार को भेज दिया है। धमतरी जिले के लिए गठित चौथे दल की रिपोर्ट का अभी इंतजार है।” उन्होंने आगे कहा कि सभी रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मुआवजे में हुए फर्जीवाड़े के स्तर और उसमें शामिल दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई का रास्ता स्पष्ट हो जाएगा।
भारतमाला सड़क परियोजना जांच में हुए प्रमुख खुलासे
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट्स में हुए खुलासों के अनुसार, परियोजना में कुल 43 करोड़ रुपये का वित्तीय घोटाला हुआ है। जांच में पाया गया कि भूमि को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को 78 करोड़ रुपये का भुगतान सीधा दिखाया गया। इस पूरे घोटाले को अंजाम देने के लिए एसडीएम, पटवारी और भू-माफिया के एक सिंडिकेट ने पुरानी तारीखों पर कई तरह के दस्तावेज तैयार किए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और मांगें
यह मुद्दा राज्य विधानसभा में भी उठ चुका है। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बीजेपी विधायक धरमलाल कौशिक ने इस घोटाले पर तीखे सवाल उठाते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। इसके जवाब में सरकार की ओर से कहा गया था कि राज्य की अपनी जांच एजेंसियां इस मामले की छानबीन करने में पूर्णतः सक्षम हैं और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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भारतमाला सड़क परियोजना में क्या खास है
भारतमाला परियोजना केंद्र सरकार की एक प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग विकास योजना है, जिसके अंतर्गत नए राजमार्गों के निर्माण और लंबित परियोजनाओं को पूरा करना शामिल है। इसी योजना के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम तक लगभग 463 किलोमीटर लंबी एक नई चार-लेन सड़क का निर्माण प्रस्तावित हुआ है। वर्तमान में आई आरोपों ने इस बड़े बुनियादी ढांचा मिशन की पारदर्शिता और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस घोटाले के सभी पहलुओं और जिम्मेदार लोगों के बारे में स्पष्ट जानकारी भी मिल सकेगी।


