Crime News- महाराष्ट्र के पालघर जिले से एक ऐसी बेहद मार्मिक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है जिसने पूरे समाज को स्तब्ध कर दिया है। एक 40 वर्षीय मां को अपने ही सात वर्षीय बेटे की हत्या और दस वर्षीय बेटी पर जानलेवा हमला करने के आरोप में इलाके की पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। मिली जानकारी मुताबिक यह भीषण घटना शुक्रवार की रात पालघर शहर के निकट काशीपाड़ा इलाके में स्थित एक फ्लैट में घटित हुई।
क्या है बेटे की की हत्या का पूरा मामला?
जिला पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख ने बताया कि आरोपी महिला की पहचान पल्लवी धुमडे के रूप में हुई है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, “मृतक उसके बच्चे का नाम चिन्मय धुमडे (7 वर्ष) था और घायल बच्ची का नाम लव्या धुमडे (10 वर्ष) है। घटना का कारण मां के साथ एक अत्यंत मामूली विवाद बताया जा रहा है।”
पुलिस को प्रारंभिक जांच के आधार पर पता चला है कि घटना के समय पल्लवी ने बच्चों को बताया कि नवरात्रि के उपवास के कारण उन्हें चिकन नहीं मिलेगा। इस पर दोनों बच्चों ने लगातार चिकन खाने की जिद की। इसी बात से क्रोधित होकर मां पल्लवी ने रसोई में रोटी बेलने के काम आने वाले बेलन को उठाया और अपने बेटे चिन्मय की निर्ममता से एकदम पिटाई शुरू कर दी। इस हमले में बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई।
इसके बाद उसने अपनी बेटी लव्या पर भी वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद लव्या को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
मां की पारिवारिक पृष्ठभूमि और पुलिस कार्रवाई
सूत्रों से पता चला है कि पल्लवी अपने पति से हुई कलह के बाद अपने दोनों बच्चों के साथ अपनी बहन के घर पर रह रही थी। यह घटना उसी फ्लैट में घटित हुई।
पुलिस को मामले की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, अपराध शाखा और उप-विभागीय अधिकारियों की एक टीम घटनास्थल पर पहुँच गई और जांच में जुट गई। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) (हत्या) के साथ-साथ अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत FIR दर्ज की है।
समाज में सदमा, जांच जारी
मां द्इवारा की गई इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके के लोगो को हिलाकर रख दिया है। पड़ोसी और स्थानीय लोग इस बात से अवाक हैं कि एक मामूली से विवाद ने इतना भीषण रूप कैसे धारण कर लिया। पुलिस फिलहाल घटना के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है, जिसमें आरोपी के मानसिक स्वास्थ्य और परिवार के भीतर के तनाव के अन्य संभावित कारण शामिल भी हैं। यह घटना समाज के सामने पारिवारिक हिंसा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करती है।



