KMP Expressway गुरुग्राम: आखिरकार KMP Expressway के लाखों यात्रियों और वाहन चालकों को राहत की एक किरण नजर आई है। मानेसर से पलवल तक के 53 किलोमीटर लंबे खंड की टूटी-फूटी सड़क की मरम्मत का कार्य औपचारिक रूप से बृहस्पतिवार, 9 अक्टूबर से शुरू भी हो गया है। हरियाणा सरकार ने इस जर्जर हो चुके हाइवे को नया जीवन देने के लिए 49 करोड़ रुपये की एक विशेष परियोजना को हरी झंडी दे दी है, जिसके अगले छह महीनों के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।
यात्रियों की पीड़ा का अंत होगा, ट्रैफिक में मिलेगी राहत
KMP Expressway की इस मरम्मत कार्य का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि KMP Expressway पर होने वाले हादसों पर अंकुश लगेगा और ट्रैफिक के दबाव में कमी आएगी। महीनों से, इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने बड़े-बड़े गड्ढे वाहनों की रफ्तार को रोंदते आए हैं। वाहनों को महज 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भी धीरे-धीरे रेंगना पड़ता है। बारिश के मौसम में तो स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं और चालकों के लिए उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है। इससे अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
मंत्री के हस्तक्षेप ने दी गति, कार्यक्षमता बढ़ी
दिलचस्प बात यह है कि इस KMP Expressway मरम्मत कार्य की समयसीमा सामान्य से आधी कर दी गई है। हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन (एचएसआइआइडीसी) ने इस KMP Expressway कार्य को पूरा करने के लिए एक वर्ष का समय रखा था। लेकिन प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने आम जनता की परेशानी को देखते हुए सख्त निर्देश दिए कि इस कार्य को अगले छह महीनों के भीतर ही पूरा कर लिया जाए। मंत्री के हस्तक्षेप के बाद, एचएसआइआइडीसी ने तेजी से कार्यवाही करते हुए मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है।
मीडिया की भूमिका रही सराहनीय
इस सकारात्मक पहल के पीछे मीडिया की लगातार चलने वाली रिपोर्टिंग एक प्रमुख कारक रही है। मिडिया ने KMP Expressway की बदहाल स्थिति, टोल टैक्स देने के बावजूद यात्रियों की परेशानी और दुर्घटनाओं के मामलों को लगातार प्रमुखता से उठाया। जनता और अधिकारियों का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर खींचने में इन रिपोर्टों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जनता में उम्मीद की किरण, सुरक्षित यात्रा का सपना
KMP Expressway पर मरम्मत कार्य शुरू होने की खबर ने एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने वाले लोगों में खुशी की लहर पैदा की है। सेक्टर-54 के निवासी इंजीनियर अजमेर सिंह कहते हैं, “रात में इस एक्सप्रेसवे से गुजरने में डर लगता था। लाइट नहीं है और गड्ढे इतने गहरे हैं कि कब क्या हो जाए, पता नहीं चलता। वहीं, मानेसर के अरविंद यादव कहते हैं, “अब उम्मीद है कि छह महीने में KMP Expressway की तस्वीर बदल जाएगी।”
KMP Expressway पर मरम्मत की रणनीति गड्ढे भरने के साथ होगी कारपेंटिंग
मरम्मत की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से की जा रही है। सबसे पहले, पूरे 53 किलोमीटर के हिस्से का सर्वेक्षण किया गया है, ताकि सभी बड़े गड्ढों की सटीक लोकेशन चिन्हित की जा सके। पहले चरण में, अगले एक महीने के भीतर सभी बड़े गड्ढों को भरने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही, सड़क की सतह को और अधिक मजबूत चिकना बनाने के लिए ‘कारपेंटिंग’ का कार्य भी समानांतर रूप से किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस 53 किलोमीटर के हिस्से में से लगभग 40 किलोमीटर की सड़क क्षतिग्रस्त है, और दोनों तरफ मिलाकर कुल 80 किलोमीटर लंबे मार्ग की मरम्मत की जानी है।
KMP Expressway का यह मरम्मत अभियान न केवल एक सड़क की मरम्मत है, बल्कि हरियाणा के आर्थिक गलियारे की रीढ़ को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सरकार की जन-केंद्रित नीति और मीडिया की सक्रिय भूमिका का एक सफल उदाहरण प्रस्तुत करता है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या निर्धारित समयसीमा में यह कार्य पूरा हो पाता है और क्या यह क्षेत्र के यातायात की समस्याओं का स्थायी समाधान साबित होगा। यदि सब कुछ योजना के अनुरूप रहा, तो जल्द ही इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अनुमत गति से सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे।



