Bira 91: भारतीय क्राफ्ट बीयर बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने वाले ब्रांड Bira 91 की मूल कंपनी B9 बेवरेजेज प्रबंधन और वित्तीय संकट के एक गहरे दौर से गुजर रही है। Bira 91 कंपनी के 250 से अधिक कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, प्रमुख निवेशकों और ऋणदाताओं के समक्ष एक आवेदन प्रस्तुत करते हुए कंपनी के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंकुर जैन को उनके पद से हटाने की मांग की है।
Bira 91 पर कर्मचारियों ने उठाए गंभीर सवाल
सितंबर महीने में आयोजित एक टाउन हॉल बैठक के बाद कर्मचारियों ने यह अहम कदम उठाया है। मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्मचारियों ने इस पत्र में कॉर्पोरेट प्रशासन में कमियों, पारदर्शिता के अभाव, वेतन भुगतान में लगातार हो रही देरी और बकाया राशि के भुगतान संबंधी मुद्दों को सबके सामने उजागर किया है। साथ ही उन्होंने Bira 91 कंपनी की बिगड़ती वित्तीय स्थिति और विक्रेताओं के लंबित भुगतानों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया है।
Bira 91 कंपनी में वित्तीय दबाव के बादल
Bira 91 कंपनी पर इस समय गंभीर वित्तीय दबाव मंडरा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, कर्मचारियों के लगभग छह महीने के वेतन का भुगतान लंबित है, साथ ही प्रोविडेंट फंड और टीडीएस जैसे जरूरी भुगतान भी नहीं किए गए हैं। अनुमान है कि Bira 91 कंपनी का कुल बकाया 50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को पार कर चुका है। इन हालातों का असर कंपनी के कार्यबल पर भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है – पिछले वर्ष 700 से अधिक कर्मचारियों की संख्या घटकर मात्र 260 रह गई है।
Bira 91 कंपनी की कहानी
Bira 91 कंपनी B9 बेवरेजेज की स्थापना वर्ष 2015 में हुई थी और इसने Bira 91 ब्रांड के माध्यम से भारतीय क्राफ्ट बीयर बाजार में तीव्र गति से सफलता हासिल की थी। कंपनी में जापान की किरिन होल्डिंग्स और पीक एक्सवी पार्टनर्स जैसे प्रमुख निवेशक हिस्सेदारी रखते हैं। वर्तमान में किरिन होल्डिंग्स 20.1% हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा निवेशक है, जबकि अंकुर जैन और उनके परिवार के पास कंपनी की 17.8% हिस्सेदारी रखी है।
Bira 91 की इस स्तिथि पर फाउंडर का पक्ष
इन आरोपों के जवाब में फाउंडर अंकुर जैन ने स्पष्ट किया है कि कंपनी को प्रमुख शेयरधारकों को संबोधित ऐसी किसी भी याचिका की जानकारी अभी तक नहीं है और न ही बोर्ड को इस संबंध में कोई औपचारिक सूचना प्राप्त हुई है। उन्होंने सितंबर माह में उत्पादन में आई “रुकावट” को स्वीकार करते हुए यह आशा व्यक्त की कि उत्पादन प्रक्रिया चालू महीने में पुनः शुरू हो जाएगी।
कंपनी के लिए भविष्य की राह
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स इस मामले पर गंभीरता से विचार-विमर्श कर रहा है और शीघ्र ही कोई निर्णय ले सकता है। यह मामला भारतीय स्टार्ट-अप इकोसिस्टम में व्यापार और नेतृत्व संबंधी चुनौतियों पर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़ा करता है। कंपनी के भविष्य की दिशा कर्मचारियों की इन मांगों और बोर्ड के अगले कदमों पर निर्भर करेगी।



