Haryana News- हरियाणा प्रदेश के सिरसा जिले में डेंगू का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 275 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से 235 मरीज स्वस्थ होकर घर भी लौट चुके हैं, जबकि 40 मरीज फिलहाल विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सैकड़ों संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आना अभी बाकी भी है। विभाग ने आशंका जताई है कि नवंबर माह में मामलों में और वृद्धि हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग की अपील, सिर्फ सफाई ही डेंगू से बचाव
डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की है। विभाग का दावा है कि जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में डेंगू मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं। सिरसा नागरिक अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई है ताकि मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
जिले के ग्रामीण इलाकों में डेंगू के ज्यादा मरीज
सिरसा नागरिक अस्पताल के डिप्टी सीएमओ डॉ. गौरव अरोड़ा ने जानकारी दी कि जिले में अब तक 275 मरीज सामने आए हैं, जिनमें से अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान से सटे गांवों में डेंगू के मामले अधिक मिल रहे हैं। डॉ. अरोड़ा ने कहा, *“डेंगू के लक्षण दिखने पर मरीजों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में जांच और इलाज कराना चाहिए। साथ ही जहां भी मच्छरों के पनपने की आशंका हो, वहां फॉगिंग कराना जरूरी है।”*
डेंगू के बाद जिले के अस्पतालों में विशेष वार्ड
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए 30 बेड का विशेष वार्ड तैयार किया है। इसके अलावा, संदिग्ध मरीजों के सैंपल लगातार एकत्र किए जा रहे हैं और लार्वा की तलाश के लिए सर्वे भी चल रहा है। विभाग ने अब तक कई स्थानों पर लार्वा मिलने पर नोटिस जारी किए हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत कम है।
जलभराव से बढ़ रहा खतरा
हाल ही में हुई बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। यही कारण है कि डेंगू और मलेरिया के मच्छरों के पनपने का खतरा और बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सफाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है।
रोकथाम के उपाय
डॉ. अरोड़ा ने बताया कि डेंगू के मच्छर ढाई फीट से अधिक ऊंचाई तक नहीं उड़ सकते। इसलिए लोगों को चाहिए कि वे पूरी बाजू के कपड़े पहनें और बच्चों को भी हाफ पैंट या निकर पहनाने से बचें। उन्होंने कहा कि घरों और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, फ्रिज के पीछे, गमलों, टायरों और ड्रमों में पानी की नियमित सफाई करें। नालियों की सफाई पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
खाली प्लॉट बने खतरे का कारण
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सर्वे के दौरान कई खाली प्लॉटों में लार्वा पाया है। डॉ. अरोड़ा ने बताया कि इन प्लॉटों में जलभराव की वजह से हालात चिंताजनक हैं। नगर परिषद को पत्र लिखकर इन जगहों पर मिट्टी भरने या काला तेल छिड़कने की सिफारिश की गई है। उन्होंने कहा, खाली प्लॉटों के मालिक साफ-सफाई को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं, जिससे बीमारी फैलने का खतरा और बढ़ रहा है। ऐसे मामलों में नोटिस और जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में रोडवेज परिसर में टायरों में लार्वा मिलने पर नोटिस जारी किया गया था, जिसके बाद सुधारात्मक कदम उठाए गए।
डेंगू के खिलाफ स्कूलों में भी सतर्कता
स्वास्थ्य विभाग ने शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर सभी सरकारी और निजी स्कूलों में बच्चों को पूरी ड्रेस पहनने के निर्देश देने की अपील की है। विभाग का कहना है कि बच्चों को मच्छरों से बचाने के लिए यह कदम आवश्यक है।
सिरसा जिले में डेंगू का प्रकोप फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। स्वास्थ्य विभाग लगातार सर्वे, फॉगिंग और जागरूकता अभियान चला रहा है, लेकिन जलभराव और साफ-सफाई की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासन, विभाग और आम जनता के सामूहिक प्रयासों से ही इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि रोकथाम के उपाय कितने प्रभावी साबित होते हैं।



