Haryana News- हरियाणा प्रदेश में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। राज्य के कई शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है, जिससे आमजन के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका भी बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण का यह स्तर सांस और हृदय संबंधी बीमारियों को और बढ़ा सकता है।
हरियाणा के रोहतक और धारूहेड़ा सबसे प्रदूषित शहर
मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, रोहतक और धारूहेड़ा देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो गए हैं, जहां AQI 400 से अधिक दर्ज किया गया है। यह स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्थिति में स्वस्थ व्यक्ति भी सांस लेने में कठिनाई महसूस कर सकता है।
हिसार जिले की स्थिति चिंताजनक
हिसार में वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो चुकी है। यहां अधिकतम AQI 500 तक पहुंचने की आशंका जताई गई, हालांकि यह आंकड़ा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा आधिकारिक रूप से दर्ज नहीं किया गया। औसत AQI 398 दर्ज किया गया है, जो दिल्ली जैसे महानगरों के बराबर प्रदूषण स्तर को दर्शाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह और शाम के समय धुंध और धुएं का मिश्रण वातावरण को और अधिक दूषित बना रहा है।
अन्य शहर भी रेड जोन में
राज्य के पांच प्रमुख शहर—बहादुरगढ़, सोनीपत, बल्लभगढ़, चरखी दादरी और जींद—में भी AQI 300 से ऊपर दर्ज किया गया है। इन सभी को ‘रेड जोन’ में शामिल किया गया है। इसका अर्थ है कि यहां की हवा बेहद अस्वस्थ श्रेणी में है और बच्चों, बुजुर्गों तथा बीमार व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से हानिकारक हो सकती है।
वहीं, अंबाला, फतेहाबाद, करनाल, पलवल, सिरसा और यमुनानगर जैसे जिलों की AQI रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन शहरों में भी स्थिति बेहतर नहीं है और जल्द ही इनके आंकड़े सामने आने पर वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी।
मौसम में बदलाव
प्रदूषण के साथ-साथ मौसम में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। हरियाणा में रात का तापमान गिरकर 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
– नारनौल: 15°C
– हिसार: 16.5°C
– रोहतक: 20°C (सामान्य से 5 डिग्री अधिक)
चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, आगामी 3 नवंबर तक मौसम शुष्क बना रहेगा। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जाएगी।
प्रदुषण से हरियाणा में बढ़ता स्वास्थ्य पर खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर का प्रदूषण न केवल अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियों को बढ़ा सकता है, बल्कि हृदय रोगियों के लिए भी गंभीर खतरा है। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि सुबह और शाम के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और मास्क का प्रयोग करें।
हरियाणा में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। रोहतक, धारूहेड़ा और हिसार जैसे शहरों में AQI खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है, जबकि अन्य शहर भी रेड जोन में शामिल हो रहे हैं। मौसम में गिरते तापमान के साथ प्रदूषण का असर और अधिक बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है।



