Haryana News, चंडीगढ़। हरियाणा बीज विकास निगम (HSDC) ने रबी सीजन की तैयारियों को देखते हुए प्रदेशभर में उपचारित बीजों की बिक्री शुरू कर दी है। निगम ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि प्रदेश भर के किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज सब्सिडी दरों पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए राज्यभर में 80 क्रय केंद्र निर्धारित भी किए गए हैं, जहां से किसान आसानी से बीज प्राप्त कर सकते हैं।
हरियाणा के किसानों को मिलेगा बीज सब्सिडी का लाभ
निगम अधिकारियों के अनुसार, इस बार गेहूं, चना और सरसों की फसलों के लिए पर्याप्त मात्रा में बीज तैयार किया गया है। गेहूं के लिए 2.70 लाख क्विंटल बीज उत्पादन किया गया है। इनमें से लगभग 60 हजार क्विंटल बीज पहले ही किसानों को बेचे जा चुके हैं। गेहूं का बीज 40 किलोग्राम की बोरी में उपलब्ध है, जिसकी कीमत 1200 रुपये तय की गई है। इसमें 430 रुपये की सब्सिडी शामिल है, जिससे किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी।
चना बीज की बात करें तो निगम ने 2,200 क्विंटल बीज तैयार किया है। अब तक 320 क्विंटल की बिक्री हो चुकी है। चना 16 किलो के पैक में उपलब्ध है और इसकी कीमत 960 रुपये रखी गई है, जिसमें सब्सिडी भी शामिल है। वहीं, सरसों का बीज 2 किलो की पैकिंग में किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसकी कीमत 250 रुपये प्रति पैक है। निगम अब तक 1,983 क्विंटल सरसों बीज तैयार कर चुका है, जिसमें से 700 क्विंटल किसानों तक पहुंच चुका है।
हरियाणा के किसानों के लिए वेरीफिकेशन प्रक्रिया जरूरी
बीज वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए निगम ने कुछ नियम भी तय किए हैं। बीज खरीदने वाले किसानों को आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, सरपंच या नंबरदार से सत्यापन करवाना भी जरूरी है। सत्यापन के लिए हस्ताक्षरित फोटो कॉपी प्रस्तुत करनी होगी।
निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आवश्यक हुआ तो कर्मचारी ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर किसान का पंजीकरण भी जांच सकते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बीज केवल वास्तविक किसानों तक पहुंचे और किसी प्रकार की अनियमितता न हो।
किसानों के लिए राहत और भरोसा
निगम अधिकारियों का कहना है कि सब्सिडी दरों पर बीज उपलब्ध कराने का मकसद किसानों की लागत को कम करना और उन्हें गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बेहतर बीज से फसल उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों की आय में भी सुधार होगा।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्य में बीज की गुणवत्ता सीधे उत्पादन पर असर डालती है। यदि किसानों को समय पर और उचित दरों पर बीज मिलते हैं, तो वे बेहतर पैदावार हासिल कर सकते हैं।
बीज सब्सिडी के बाद किसानों की प्रतिक्रिया
प्रदेश के कई जिलों से मिली जानकारी के अनुसार, किसान इस पहल का स्वागत कर रहे हैं। रोहतक जिले के एक किसान ने बताया, “निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए बीज भरोसेमंद होते हैं। सब्सिडी मिलने से हमारी लागत घटती है और हमें अच्छी पैदावार की उम्मीद रहती है।” वहीं, कुछ किसानों ने यह भी सुझाव दिया कि क्रय केंद्रों की संख्या और बढ़ाई जानी चाहिए ताकि दूरदराज के गांवों के किसानों को भी आसानी से बीज मिल सके।
हरियाणा बीज विकास निगम का कहना है कि आने वाले समय में बीज वितरण प्रणाली को और अधिक डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा। निगम का लक्ष्य है कि हर किसान तक समय पर बीज पहुंचे और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
हरियाणा बीज विकास निगम द्वारा शुरू की गई यह पहल किसानों के लिए राहत भरी साबित हो रही है। सब्सिडी दरों पर उपलब्ध गेहूं, चना और सरसों के बीज न केवल किसानों की लागत घटाएंगे, बल्कि उत्पादन क्षमता को भी बढ़ाएंगे। सत्यापन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की शर्तें इस बात की गारंटी देती हैं कि बीज सही हाथों तक पहुंचे। आने वाले दिनों में यह योजना राज्य के कृषि क्षेत्र को और मजबूती देने में अहम भूमिका निभा सकती है।



