8th Pay Commission Update- देश भर में आगामी 8th Pay Commission को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है अब इस मामलें पर अपडेट सामने निकल कर आया है. देशभर के 1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों को सैलरी व पेंशन हाइक के लिए शायद 2 साल से ज्यादा लंबा इंतजार करना पड़ेगा. इस मामले में एक्सपर्ट की राय को देखा जाए तो उनके मुताबिक , 8th Pay Commission की सिफारिशें 2027 के आखिर या 2028 के शुरू तक लागू हो सकती हैं.
7th Pay Commission से तुलना
प्रयागराज के पूर्व पदाधिकारी हरिशंकर तिवारी जो महंगाई भत्ते के गणित को आसन बनाने वालें संस्था एजी ऑफिस ब्रदरहुड से जुड़े हुए है. बताया कि 7th Pay Commission की घोषणा साल 2013 सितंबर माह में हुई थी और इसे लागू होने में लगभग सरकार को 2 साल 9 महीने लग गए थे. फरवरी 2014 में इसकी सरकारी अधिसूचना जारी हुई और आयोग ने काम शुरू किया.
मोदी सरकार द्वारा 1 जनवरी 2016 से नया सैलरी स्ट्रक्चर लागू कर दिया गया. 8th Pay Commission में भी इसी तरह का समय लग सकता है. अब देश में इसी तर्ज पर अगर देखा जाए तो 8th CPC का गठन जनवरी 2025 में हुआ है तो इसकी सिफारिशें 2027–28 के मध्य ही लागू हो पाएंगी.
देश में 7th CPC का गठन कब हुआ : फरवरी 2014
देश में फाइनल रिपोर्ट सबमिट कब हुई : नवंबर 2015
7th CPCलागू कब से किया गया : जनवरी 2016
कुल समय कितना लगा : करीब 34 महीने का समय लगा था
अब तक सरकार की तरफ से खास कार्रवाई नहीं
केंद्र की मोदी सरकार ने जनवरी 2025 में 8th CPC के गठन का ऐलान किया था. लेकिन 8 महीने बीतने के बाद भी Terms of Reference (ToR) और चेयरपर्सन समेत सदस्यों की घोषणा भी नहीं हो पाई है. यही वजह है कि अब कर्मचारियों को लग रहा है कि आयोग का कामकाज ही नहीं शुरू हुआ तो यह कैसे 2026 में लागू कैसे हो पाएगा.
8th Pay Commission को लेकर कर्मचारियों की चिंता
देश के करोड़ो केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8th Pay Commission भुत अहम है क्योंकि हर जगह महंगाई लगातार बढ़ रही है और उनकी सैलरी उसी हिसाब से अब एडजस्ट नहीं हो पा रही है. इससे पहले जब 7th Pay Commission लागू होने पर लाखों कर्मचारियों और पेंशनधारकों को बड़ा लाभ मिला था. इस बार भी कर्मचारियों को उम्मीद है कि बेसिक पे और अलाउंस में भी बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा. लेकिन देरी से कर्मचारियों में मोदी सरकार के प्रति नाराजगी भी बढ़ रही है.
केंद्र सरकार का क्या है कहना
देश की राज्यसभा में बीते दिनों वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सबोधन में कहा था कि सरकार को विभिन्न स्टेकहोल्डर्स से कई तरह के सुझाव मिले हैं. औपचारिक नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जाएगा. उन्होंने यह भी साफ किया कि 8th CPC अपनी सिफारिशें उसी टाइमलाइन के भीतर देगा जो ToR में अंत तक तय की जाएगी.
क्यों हो रही वेतन आयोग के काम में देरी?
8th Pay Commission से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं. मसलन,
1; वर्तमान की महंगाई दर को ध्यान में रखकर वेतन बढ़ोतरी करना.
2. देश भर के करोड़ो कर्मचारियों से बढेगा राजकोषीय घाटे पर दबाव.
3. राज्य सरकारों पर पड़ने वाला असर, क्योंकि वे भी अकसर केंद्र की सिफारिशों को सीधे फॉलो करती हैं.
8th Pay Commission को जल्दी लागु करने का हल
पूर्व पदाधिकारी हरिशंकर तिवारी जी कहते हैं कि जरूरी नहीं कि 8th Pay Commission बिल्कुल 7th Pay Commission वाली टाइमलाइन को फॉलो करे. लेकिन अब तक जिस तरह से ToR और मेंबर्स की घोषणा अब तक टली हुई है, उससे यही साफ़ संकेत मिलता है कि कर्मचारियों को 2028 तक का लंबा इंतजार करना पड़ सकता है.



