Punjab floods 2025- देश के हिमाचल राज्य में लगातार हो रही बारिश के कारण पौंग डैम से करीब 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण हिमाचल से पंजाब को बहने वाली ब्यास नदी में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि के कारण अब राज्य के मंड क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति बेहद खतरनाक हो गई है। ताजा जानकारी के मुताबिक नदी का पानी अब पुल की ओर जाने वाली सड़क से ऊपर से होकर गुजरने लगा है। जिसके चलते बाढ़ (Flood)की खतरनाक स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन एक्टिव मोड़ में हाई अलर्ट जारी कर आसपास के गांवों को खाली करने में जुटा हुआ है।
किसी भी खतरनाक स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने भारतीय सेना के दो वाहन बाऊपुर पुल पर तैनात कर दिए हैं। इसके अलावा NDRF की टीमें लगातार गांव के लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में लगी हुई हैं। इलाके के किसान नेता परमजीत सिंह बाऊपुर एक बड़ी नाव में दिन-रात एक करके गांव के लोगों और पशुओं को लगातार बाहर सुरक्षित जगह निकाल रहे हैं।
इतने पानी के बाद अस्थायी बांधों के टूटने से धुस्सी बांध तक भी पानी अब पहुंच गया है। जिससे आस-पास के गांव जो फिलहाल बाढ़ (Flood)से सुरक्षित लग रहे थे उन पर भी बाढ़ (Flood)का खतरा मंडराने लगा है और गांव के लोगों में डर और दहशत देखी जा रही है। क्योंकि जलस्तर लोगों के आखों के सामने लगातार बढ़ रहा है। आहली बांध टूटने के बाद किसानों ने फसलों को बचाने के लिए जो भी छोटे-छोटे और अन्य अस्थायी बांध बनाए थे वह सभी टूट कर पानी के साथ बह गए हैं।
दूसरी जानकारी के मुताबिक गोइंदवाल साहिब पुल पर पानी खतरे के निशान को अब पार कर गया है लेकिन लोग अभी भी मिट्टी की बोरियों के जरिए पानी छोड़ कर उन बांधों को बचाने की कोशिश लगातार कर रहे हैं। लेकिन कुदरत के कहर के आगे वे बेबस नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर मौसम विभाग के पूर्वानुमान मुताबिक और बारिश हुई तो सब कुछ तबाह हो जाएगा। बुजुर्ग महिलाएं नदी पर जाकर भगवान से अरदास कर रही हैं। किसान बेहद भावुक हैं और अभी कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं।
वहीं लगातार बढ़ रहे जलस्तर ने बेजुबान पशुओं को भी अब अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। जिसके चलते इलाके के किसान नेता परमजीत सिंह बाऊपुर दिन-रात बड़ी नावों के जरिए पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में लगातार काम कर रहे हैं। किसान नेता का कहना है कि इंसानों की तरह मवेशियों का दर्द भी देखा नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि ब्यास नदी में हालात बहुत भुत ज्यादा बिगड़ गए हैं और अगले 24 या 48 घंटों में अधिक पानी आने से और भी बिगड़ने की आशंका है।
गरीब किसानों के घर बाढ़(Flood) में डूबे
बाढ़ (Flood)ने मंड क्षेत्र में पूरी तरह से तबाही भी मचा दी है। जलस्तर बढ़ने के कारण रामपुर गोरा में 3 और परिवारों बलजीत सिंह, बख्तौर सिंह और गुर निशान सिंह के घर भी पानी बढ़ने से ढहकर गिर गए हैं। पर समय रहते किसान नेता बाऊपुर ने उनके परिवारों को उनके जरूरी सामान समेत बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
किसान नेता परमजीत सिंह बाऊपुर का कहना है कि यह किसान परिवार बहुत गरीब हैं। इनके पास सिर्फ एक-दो एकड़ जमीन है जिससे ये बड़ी मुश्किल से अपने परिवार का पेट जैसे तैसे पालते थे। अब फसलों के साथ-साथ मकान भी पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सरकार और प्रशासन इन परिवारों के लिए घर बनाने हेतु 10-10 लाख रुपये की तक सहायता राशि की तत्काल प्रभाव से घोषणा करे।
राहत सेवाएं भेजने का कार्य निरंतर जारी
;बाढ़ के कारण दूर-दूर से गांवों और समाजसेवी संस्थाओं द्वारा राहत सेवाएं पहुंचाने का कार्य निरंतर जारी है। बाढ़ (Flood)प्रभावित लोगों ने सेवाएं भेजने वाले सभी समाजसेवी संस्थाओं और लोगों का आभार व्यक्त किया।



