Delhi New Flyoer News- उत्तर भारत के कई राज्यों से दिल्ली आने-जाने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खबर आ रही है। देहरादून, रोहतक, जींद और पंजाब से दिल्ली आने वाले यात्रियों को अब राजधानी में प्रवेश के लिए 8-10 किलोमीटर का लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक नए एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का प्लान बनाया है, जो सीधे दिल्ली में प्रवेश का रास्ता आसान बनाएगा। इसकी लागत करीब 4,000 करोड़ रुपये आने का अनुमान है।
क्या है मौजूदा दिक्कत?
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) अधिकारियों के मुताबिक, जो लोग दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे (NH-344A) के रास्ते दिल्ली आना चाहते हैं, उनके सामने फिलहाल केवल दो ही विकल्प हैं.दिल्ली-कटरा वेस्टर्न पेरिफेरल इंटरचेंज से लगभग 7 किमी दूर KMPटोल तक आकर रोहतक-बहादुरगढ़ रोड से दिल्ली में प्रवेश करना। या इंटरचेंज से आगे बढ़कर लगभग 9 किमी का चक्कर लगाते हुए बंदा सिंह बहादुर मार्ग से दिल्ली में घुसना।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) मुताबिक इन दोनों ही रास्तों में यात्रियों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। खासतौर पर नोएडा, गाजियाबाद, लोनी, शाहदरा और पूर्वी दिल्ली के अन्य इलाकों में जाने वालों के लिए यह सफर और भी मुश्किल भरा हो जाता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बताया कैसा होगा नया एलिवेटेड कॉरिडोर?
इन समस्याओं को देखते हुए NHAI ने एक बड़े समाधान की योजना बनाई है। यह प्रोजेक्ट निलोठी के पास दिल्ली-कटरा वेस्टर्न पेरिफेरल इंटरचेंज से शुरू होगा और रोहिणी के सेक्टर-38 के पास यूईआर-2 (उत्तरी रिंग रोड) तक जाएगा। इसकी कुल लंबाई करीब 20 किलोमीटर होगी। इस कॉरिडोर के बन जाने से यात्रियों को सीधे दिल्ली के अंदरूनी इलाकों तक पहुंचने में बहुत आसानी होगी।
कॉरिडोर का रूट और कनेक्टिविटी
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) यह एलिवेटेड कॉरिडोर निलोठी से शुरू होकर लडरावन गांव के खेतों, पंजाब खोर और जोटी गांव के बीच से होता हुआ कंझावला और कराला होते हुए यूईआर-2 से जुड़ेगा। प्रोजेक्ट में कुछ जगहों पर अंडरपास भी बनाए जाएंगे। इस कॉरिडोर को कंझावला, नरेला और मदनपुर डबास रोड से इस तरह जोड़ा जाएगा कि यात्रियों को एक सड़क से दूसरी सड़क पर जाने में आसानी हो। कंझावला-मदनपुर डबास रोड टी-जंक्शन और कंझावला-नरेला रोड जंक्शन पर लूप बनाने की भी योजना है, जिससे ट्रैफिक का प्रवाह और भी बेहतर होगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने उठाया अगला कदम
NHAI अब इस प्रोजेक्ट के लिए डीपीआर (Detailed Project Report) तैयार करने के लिए एक प्राइवेट एजेंसी को नियुक्त करने की तैयारी कर रहा है। डीपीआर तैयार होने के बाद ही निर्माण कार्य के लिए टेंडर की जाएगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) यह एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट दिल्ली की ट्रैफिक समस्याओं, खासकर बाहरी यातायात के लिए एक महत्वपूर्ण समाधान साबित हो सकता है। इससे न सिर्फ यात्रियों का कीमती समय बचेगा, बल्कि ईंधन की बचत और प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही, दिल्ली के आस-पास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। यह प्रोजेक्ट राजधानी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।



