Haryana Halchal व्यापार डेस्क: पंजाब के जीरकपुर में मकान, दुकान, फ्लैट और अपार्टमेंट बनाने की योजना बनाने वाले लोगों को अब पहले से कहीं ज्यादा खर्च करना होगा। पंजाब निकाय विभाग ने निर्माण से पहले नक्शा पास कराने की फीस में तीन गुना से अधिक की वृद्धि कर दी है। यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2025 से लागू होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस तारीख के बाद जिन लोगों ने फाइल लगाकर नक्शा पास करवाया है, उन्हें भी बढ़ी हुई फीस जमा करनी होगी।
जीरकपुर आधुनिक भारत की प्रॉपर्टी निवेश का हब
जीरकपुर को लंबे समय से प्रॉपर्टी बाजार का हब माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में लोग निवेश करते हैं और मकान या दुकान खरीदने के बाद निर्माण के लिए स्थानीय प्रशासन से नक्शा पास करवाना अनिवार्य होता है। अब तक नगर परिषद मकान के लिए 1026 रुपये प्रति वर्गगज और दुकान के लिए 4980 रुपये प्रति वर्गगज फीस वसूलती थी। फीस जमा करने के बाद ही नक्शे को मंजूरी दी जाती थी।
नई नक्शा फीस संरचना
पंजाब निकाय विभाग ने अब इस शुल्क में भारी इजाफा किया है। अधिकारियों के अनुसार, मकान के लिए फीस 1026 रुपये से बढ़ाकर करीब 2500 से 2600 रुपये प्रति वर्गगज कर दी गई है। वहीं दुकान के लिए यह शुल्क 9 हजार रुपये प्रति वर्गगज से अधिक कर दिया गया है।
उदाहरण के तौर पर, पहले 100 वर्गगज के प्लॉट पर मकान का नक्शा पास कराने के लिए लगभग 1 लाख रुपये फीस देनी पड़ती थी। लेकिन नई अधिसूचना लागू होने के बाद अब इसी आकार के मकान का नक्शा पास कराने के लिए करीब 2 लाख 60 हजार रुपये देने होंगे। इसी तरह, 100 वर्गगज की दुकान का नक्शा पास कराने की फीस पहले लगभग 5 लाख रुपये थी, जो अब बढ़कर 9 लाख रुपये से अधिक हो जाएगी।
नक्शा पास करवाने के लिए लोगों की जेब पर बढ़ा बोझ
फीस में इस बढ़ोतरी से मकान और दुकान बनाने वाले आम लोगों के साथ-साथ बड़े बिल्डरों और डेवलपर्स पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। जीरकपुर में पहले से ही प्रॉपर्टी की कीमतें ऊंची हैं और अब नक्शा पास कराने की लागत बढ़ने से निर्माण की कुल लागत में भी इजाफा होगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह निर्णय आम जनता के लिए परेशानी का कारण बनेगा।
1 अप्रैल 2025 के बाद नक्शा धारकों से नोटिस भेजकर वसूली
पंजाब निकाय विभाग से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि नई फीस व्यवस्था केवल नए निर्माण पर ही लागू नहीं होगी, बल्कि 1 अप्रैल 2025 के बाद जिन लोगों ने नक्शा पास करवाने के लिए आवेदन किया है, उन्हें भी बढ़ी हुई फीस जमा करनी होगी। इसके लिए जीरकपुर नगर परिषद को निर्देश दिए गए हैं कि वह संबंधित लोगों को नोटिस भेजकर शुल्क की वसूली सुनिश्चित करे।
रियल एस्टेट विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि नक्शा पास कराने की फीस में इतनी बड़ी वृद्धि से प्रॉपर्टी बाजार पर असर पड़ सकता है। निवेशक और खरीदार अतिरिक्त लागत के कारण निर्माण योजनाओं को टाल सकते हैं। वहीं डेवलपर्स का कहना है कि इससे फ्लैट और अपार्टमेंट की कीमतें और बढ़ेंगी, जिसका सीधा असर आम खरीदारों पर पड़ेगा।
विभाग का कहना है कि यह कदम प्रशासनिक जरूरतों और राजस्व बढ़ाने के लिए उठाया गया है। हालांकि, आम जनता और निवेशकों के लिए यह निर्णय एक बड़ा आर्थिक झटका साबित हो रहा है। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस फैसले का स्थानीय प्रॉपर्टी बाजार पर क्या असर पड़ता है।



