नई दिल्ली Cyclone Ditwah update: बंगाल की खाड़ी में पैदा हुए चक्रवाती तूफान ‘Cyclone Ditwah’ ने श्रीलंका में जमकर तबाही मचाने के बाद अब भारत का रुख कर लिया है। मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के पांच राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए हैं। वहीं, देश के उत्तरी हिस्सों में सर्दी ने अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी है, जहां कई क्षेत्रों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है।
Cyclone Ditwah से श्रीलंका में तबाही, भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
Cyclone Ditwah ने अपना कहर बरपाना श्रीलंका से शुरू किया, जहां पिछले 48 घंटों में आई बाढ़ और भूस्खलन ने विनाशलीला मचा दी। अब तक 69 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग अभी भी लापता हैं। इस संकट की घड़ी में भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत तत्काल राहत सामग्री के साथ श्रीलंका की मदद के लिए अपना हाथ बढ़ाया है। यह कदम दोनों देशों के बीच मजबूत पड़ोसी संबंधों का प्रतीक है।
दक्षिणी राज्यों पर मंडराता Cyclone Ditwah खतरा
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह चक्रवात Cyclone Ditwah शनिवार दोपहर तक तमिलनाडु तट के निकट पहुंच सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीधे तट से टकराने के बजाय उत्तरी दिशा में मुड़ते हुए कमजोर पड़ जाएगा। फिर भी, इसके व्यापक प्रभाव से इनकार नहीं किया जा सकता।
तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और पुडुचेरी में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश की संभावना है। इनमें से तमिलनाडु के कुछ हिस्सों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है, जिसका अर्थ है कि वहां बहुत अधिक वर्षा हो सकती है और प्रशासन को पूरी तरह से सतर्क रहने की आवश्यकता है। वहीं, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी है।
Cyclone Ditwah के कारण समुद्री इलाकों में तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्रों के लिए हाई अलर्ट जारी करते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन क्षेत्र में हवा की रफ्तार 65 से 75 किलोमीटर प्रति घंटा रिकॉर्ड की जा रही है।
Cyclone Ditwah के कारण अनुमान है कि तूफान के और नजदीक आने पर यह गति 85 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके चलते तटीय इलाकों में लहरें ऊंची उठने और कुछ निचले हिस्सों में जलभराव की आशंका है। पहले से ही, तमिलनाडु के मयिलादुथुराई और केरल के तिरुवनंतपुरम जैसे तटीय शहरों में मछली पकड़ने का काम ठप पड़ा है और नावें किनारे पर खड़ी दिखाई दे रही हैं।
उत्तर भारत में सर्दी का प्रकोप, कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें
जहां दक्षिण चक्रवात और बारिश से जूझ रहा है, वहीं उत्तर भारत में बढ़ती ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। उत्तर-पश्चिमी राज्यों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 48 घंटों के बाद इस क्षेत्र में पारा 2 से 4 डिग्री और नीचे गिर सकता है। इसके विपरीत, मध्य भारत के कुछ हिस्सों जैसे मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और छत्तीसगढ़ में तापमान में मामूली बढ़ोतरी का अनुमान है।
इसके अलावा, उत्तरी राज्यों में सर्दियों का एक और अजीबोगरीब दस्तावेज कोहरे के रूप में देखने को मिलेगा। हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में अगले कुछ दिनों में सुबह के समय घने कोहरे के छाए रहने की संभावना है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। राजस्थान के कुछ इलाकों में तो दिसंबर के पहले सप्ताह में शीतलहर चलने की भी आशंका जताई गई है।
ऐसे में, देश एक साथ दो मौसमी चुनौतियों का सामना कर रहा है। दक्षिण में ‘दितवाह’ के प्रकोप से निपटने के लिए तैयारियां जोरों पर हैं, तो उत्तर में लोगों ने स्वेटर और रजाइयां निकाल ली हैं। मौसम विभाग की ओर से लगातार जारी किए जा रहे अपडेट और अलर्ट लोगों को सजग रहने और किसी भी अनहोनी से बचने में मददगार साबित हो रहे हैं। आने वाले घंटे इस बात के लिए अहम होंगे कि चक्रवात ‘दितवाह’ ने भारत के लिए कितना बड़ा खतरा पैदा किया है और प्रशासन ने इससे निपटने के लिए कितनी मजबूत तैयारी की है।



