Gold silver price : जनवरी माह में सोने-चांदी के बाजार ने एक ऐतिहासिक रोलर कोस्टर राइड देखी। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, व्यापारिक अनिश्चितताओं और घरेलू मुद्रा में अस्थिरता के कारण निवेशकों ने सुरक्षित पनाहगाह के रूप में इन कीमती धातुओं की ओर रुख किया, जिससे इनकी कीमतें आसमान छूने लगीं। हालांकि, लगातार बढ़त के बाद फरवरी के पहले सप्ताह में इनमें भारी गिरावट दर्ज की गई, जो बाजार की अस्थिरता को दर्शाती है।
Gold silver price में भारी उतार-चढ़ाव
गुड रिटर्न्स के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोना 29 जनवरी को रिकॉर्ड ऊंचाई 17,885 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया था। लेकिन यह चढ़ाव लंबे समय तक टिक नहीं सकी और महज छह दिनों के भीतर ही सोना 2,492 रुपये प्रति ग्राम गिरकर 3 फरवरी को 15,393 रुपये पर आ गया। इस तेज गिरावट के बाद बुधवार को फिर से मजबूती देखने को मिली, जब 24 कैरेट सोना 660 रुपये की बढ़त के साथ 16,053 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया। 22 कैरेट सोना 14,715 रुपये और 18 कैरेट सोना 12,040 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है।
Gold silver price की कीमतों में अंतर
बुधवार को दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, चंडीगढ़ समेत उत्तरी भारत के कई शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव 16,068 रुपये प्रति ग्राम रहा। वहीं मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु जैसे महानगरों में यह 16,053 रुपये पर बंद हुआ। दक्षिण भारत के चेन्नई, मदुरै जैसे शहरों में सोना स्थानी्य करों और शुल्कों के कारण थोड़ा महंगा 16,256 रुपये प्रति ग्राम पर बिका।
Gold silver price में उतार-चढ़ाव का दौर जारी
सोने के समानांतर चांदी ने भी जोरदार उतार-चढ़ाव देखा। बुधवार को चांदी 40 रुपये प्रति ग्राम की तेजी के साथ 320 रुपये प्रति ग्राम (3,20,000 रुपये प्रति किलो) पर पहुंच गई। उल्लेखनीय है कि जनवरी के दौरान चांदी ने 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक स्तर छुआ था, लेकिन तेजी के बाद आई भारी बिकवाली ने इसे 3 लाख रुपये से नीचे तक खींच लिया।
Gold silver price के बारे में क्या बोले जानकर
विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में इन धातुओं की कीमतें अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति, डॉलर सूचकांक, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों से प्रभावित रहेंगी। इस अस्थिर माहौल में निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे छोटी-छोटी खरीदारी करें, बाजार की गतिविधियों पर नजर बनाए रखें और किसी भी बड़े निवेश से पहले विशेषज्ञों की राय अवश्य लें। बाजार में अभी भी अस्थिरता बनी हुई है, ऐसे में सतर्कता ही सुरक्षा का मूलमंत्र है।



