Himachal Pradesh News in Hindi: बीते दिनों से प्रकृति की मार झेलने के बाद हिमाचल प्रदेश एक बार फिर से अपने पैरों पर खड़ा हो रहा है। लगभग बीते दो महीने के लंबे अंतराल के बाद राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की चहलकदमी एक बार फिर से देखी जा रही है। राज्य के शिमला, कुफरी, नारकंडा, चायल और कसौली जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों का आना-जाना शुरू हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों और व्यवसायियों में व्यापार को लेकर एक नई उम्मीद जगी है।
हिमाचल प्रदेश में दुर्गा पूजा को लेकर बढ़ी उम्मीदें
राज्य भर के होटल और होमस्टे संचालकों के लिए यह समय राहत भरा है। आगामी दुर्गा पूजा की छुट्टियों को लेकर होटलों में इंक्वायरी की संख्या बढ़नी शुरू हो गई है। शिमला, किन्नौर, चायल और कसौली जैसे पर्यटन हॉट स्पॉट में व्यवसायियों के पास पूछताछ बढ़ी है। व्यापार को लेकर होटल व्यवसायियों का मानना है कि सितंबर के अंत तक दुर्गा पूजा की छुट्टियां शुरू होते ही उत्तर भारत के साथ-साथ बंगाल, मद्रास और गुजरात से पर्यटकों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
यातायात व्यवस्था में सुधार ने दिखाई राह
बीते कुछ दिनों से मौसम में सुधार और सड़को से यातायात व्यवस्था के बहाल होने ने पर्यटन उद्योग को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सड़क मार्गों की मरम्मत होने के बाद सैलानियों की यात्रा की चिंता भी कम हो रही है। प्रदेश के फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र चंद ठाकुरने मिडिया से बातचीत में बताया कि प्रदेश में बारिश थमने के बाद तेजी से राहत कार्य शुरू हो चुके हैं और कम संख्या में ही सही, पर सैलानियों ने हिमाचल की और रुख करना शुरू कर दिया है।
धीरे-धीरे लौट रहा है विश्वास
हिमाचल प्रदेश ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन के महासचिव मनु सूद के मुताबिक, बाहरी राज्यों के सैलानी अब पर्यटन स्थलों पर पहुंचना शुरू हो गए हैं। यह एक बढ़िया संकेत है क्योंकि जब ये पर्यटक वापस लौटेंगे तो वे हिमाचल के सामान्य होते हालातों के बारे में दूसरे लोगों को बताएंगे, जिससे और अधिक पर्यटकों के आने की उम्मीद भी बढ़ेगी।
चुनौतियां अभी हिमाचल प्रदेश के लिए बाकी
वर्तमान स्थिति मुताबिक अभी भी कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं। व्यवसायियों की मानें तो अगर आने वाले दिनों में भारी बारिश नहीं होती है, तो दुर्गा पूजा के टूरिस्ट सीजन के दौरान पर्यटन कारोबार के दोबारा रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। स्थानीय लोग और व्यवसायी प्रशासन से सड़को को जल्द से जल्द पूरी तरह बहाल करने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार और स्थानीय लोगों की मेहनत ने राज्य के पर्यटन उद्योग को फिर से जीवित करना शुरू भी कर दिया है।अगर सरल शब्दों में कहा जाए प्रकृति की कठिन परीक्षा के बाद यह ‘देवभूमि’ एक बार फिर से अपने पैरों पर खड़ी हो रही है। आने वाले त्योहारी सीजन में हिमाचल के सुंदर पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की वापसी न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के मनोबल के लिए एक बड़ी बात होगी। हिमाचल प्रदेश एक बार फिर से दुनिया को दिखाने को तैयार है कि प्रकृति की मार भी इसकी खूबसूरती और हौसले को कम नहीं कर सकती।



