France Protest News in Hindi: बीते दिनों से नेपाल में प्रोटेस्ट की आग अब फ्रांस तक लग गई है. देश में मैक्रों सरकार के खिलाफ लोग फ्रांस की सड़कों पर उतर आए हैं. और जगह-जगह पथराव-आगजनी भी हो रही है. सेना भी एक्शन मोड़ में दिखाई दे रही है देश भर में 80 हजार सैनिक तैनात किए हैं. अब तक 200 प्रदर्शनकारियों को हिसां के आरोप में हिरासत में भी लिया गया है.
France Protest में गृह मंत्री के कार्यालय पर भीड़ बड़ा हमला
फ्रांस में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच लगातार झड़प की खबरें आ रही है. स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस आंसू गैस के गोले छोड़ने के साथ ही भीड़ पर लाठियां भी भांज रही है. भड़के प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी है. जानकारी मुताबिक ये प्रदर्शन फ्रांस की राजधानी पेरिस सहित पूरे देश में देखें जा रहे हैं. पेरिस में में फ्रांसीसी गृह मंत्री के कार्यालय पर भी हमला होने की खबर मिल रही है.
France Protest से 12 महीने में चौथी बार गिरी सरकार
कई मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रदर्शन फ्रांस सरकार की सरकारी नीतियों के खिलाफ किया जा रहा है. वहां पर देश के नागरिकों में राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक नीतियों के चलते गहरा असंतोष देखा गया है. बीते दिन मंगलवार को प्रधानमंत्री फ्रांस्वा बायरू की सरकार का गिरना भी प्रदर्शनों का बड़ा कारण रहा, जिसके कारण देश के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को 12 महीनों में चौथी बार नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ा. इससे जनता में आक्रोश और बढ़ गया.
#BloquonsTout हैशटैग से France Protest का आगाज
बता दे कि इससे पहले फ्रांस के निवर्तमान प्रधानमंत्री बायरू ने सार्वजनिक कर्ज को देश के भविष्य के लिए बड़ा गंभीर खतरा बताया था. उन्होंने इससे निपटने के लिए देश में कठोर आर्थिक नीतियों के लागू करने की चर्चा की थी. इससे जनता में असुरक्षा की भावना एकदम से बढ़ गई. इसके बाद देश भर में टेलीग्राम, टिकटॉक, और एक्स पर #BloquonsTout हैशटैग के साथ एक आंदोलन का आगाज हुआ. इसका सीधा मकसद 10 सितंबर 2025 को फ्रांस को ठप करना था.
फ्रांस में सरकार की आर्थिक नीति के ख़िलाफ़ लोग सड़क पर
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— Narendra Nath Mishra (@iamnarendranath) September 10, 2025
France Protest के पीछे कौन?
फ्रांस देश में भड़का यह प्रदर्शन वामपंथी दलों और प्रो-सॉवरेन्टी समूहों की ओर से समर्थन प्राप्त है, जो देश की सरकारी नीतियों के खिलाफ हैं. लोग रूस से सुरक्षा के नाम पर रक्षा बजट बढ़ाने, युद्ध में यूक्रेन को समर्थन समेत कई सरकारी नीतियों से गुस्सा हैं. भीड़ का कहना है कि देश की सरकार को पैसा फ्रांस की जनता की भलाई में लगना चाहिए. इसके साथ ही मैक्रों सरकार पर भ्रष्टाचार और जनता की अनदेखी के गंभीर आरोप भी लग रहे हैं.




