Sarso Rate Today: मानसून के अंतिम दौर की बारिश के चलते देशभर की सरसों मंडियों में इस सप्ताह मिश्रित रुझान देखने को मिला है। बाजार में इस सप्ताह जयपुर मंडी में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली है, जहां भाव 7400 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। जयपुर मंडी में 50 रुपये की तेजी के साथ सरसों का भाव 7400 रुपये प्रति क्विंटल रिकॉर्ड किया गया, जबकि भरतपुर मंडी में भाव 6970 रुपये पर स्थिर रहा।
राजस्थान की सरसों मंडियों में मिश्रित रुझान
राजस्थान की प्रमुख मंडियों भाव में मिश्रित रुझान देखने को मिला। अलवर मंडी में भाव 7100 रुपये प्रति क्विंटल रहा जहां 4000 बोरी की आवक दर्ज की गई। कोटा मंडी में सरसों का भाव 6300-6800 रुपये के बीच रहा, जबकि 1200-1300 बोरी की आवक हुई। टोंक मंडी में भाव 6830 रुपये और निवाई मंडी में 6850 रुपये प्रति क्विंटल रहा।
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश रसों मंडियों में स्थिरता
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की मंडियों के भाव में स्थिरता बनी रही। अलीगढ़ मंडी में भाव 6600-6700 रुपये प्रति क्विंटल रहा जहां 100-200 बोरी की आवक दर्ज की गई। ग्वालियर मंडी में कोई आवक नहीं होने के कारण बाजार बंद रहा। मुरैना मंडी में भाव 6950 रुपये प्रति क्विंटल रहा।
तेल और खल के भाव में उतार-चढ़ाव
सरसों तेल और खल के भाव में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। जयपुर मंडी में सरसों तेल (कच्ची घानी) का भाव 15630 रुपये प्रति क्विंटल रहा जबकि एक्सपेलर तेल 15430 रुपये पर कारोबार कर रहा था। खल का भाव 2500-2505 रुपये प्रति क्विंटल रहा। दिल्ली मंडी में सरसों तेल का भाव 1535 रुपये प्रति क्विंटल रिकॉर्ड किया गया।
देशभर में आवक का हाल
देशभर में सरसों की कुल आवक लगभग 3,00,000 बोरी रही। राजस्थान से सबसे अधिक 1,25,000 बोरी की आवक हुई, जबकि मध्य प्रदेश से 30,000 बोरी, उत्तर प्रदेश से 40,000 बोरी, हरियाणा और पंजाब से 20,000 बोरी और गुजरात से 15,000 बोरी की आवक दर्ज की गई।
सरसों के भाव को लेकर भविष्य के संकेत
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में और तेजी आ सकती है। बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति के चलते भाव में स्थिरता बनी रहने की उम्मीद बनी हुई है। वही सरसों व्यापारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन के करीब आने से भाव में और मजबूती आ सकती है।
निवेशकों और किसानों के लिए सरसों भाव की यह जानकारी महत्वपूर्ण है कि वे बाजार में हो रहे इन बदलावों पर नजर बनाए रखें और समय-समय पर मंडी भाव की जानकारी लेते रहें। सरसों बाजार में हो रहे इन उतार-चढ़ाव से व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को प्रभावित करता है, इसलिए नवीनतम जानकारी से अपडेट रहना जरूरी है।




