Nohar Mandi Bhav- राजस्थान की प्रमुख कृषि उपज मंडी नोहर में सोमवार को किसानों और व्यापारियों के लिए मिले-जुले संकेत लेकर आया। बाजार में आज कुछ जिंसों ने जमकर तेजी दिखाई, तो वहीं कुछ प्रमुख उत्पादों के दामों में गिरावट दर्ज की गई। बाजार सूत्रों के मुताबिक, ग्वार, बाजरी, अरंडी और मोठ के भाव में उल्लेखनीय बढ़त देखने को मिली, जबकि गेहूं, जौ, मूंग, इसबगोल और सरसों जैसी फसलों के दाम शनिवार के मुकाबले नरम रहे।
मंडी के एक वरिष्ठ व्यापारी श्री संजय सिहाग ने बताया, “बाजार में आज चयनात्मक गतिविधि देखने को मिली। ग्वार में मांग बनी हुई है और आपूर्ति पर दबाव है, जिसके चलते भाव में सप्ताहभर और 100 से 200 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़त की संभावना है।” उन्होंने आगे कहा कि तिलहन के भाव में आई गिरावट मौसम और अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों से प्रभावित है।
नोहर मंडी में किन फसलों के दाम चढ़े, किनके उतरे (Nohar Mandi Bhav)?
शनिवार की तुलना में आज के भाव पर नजर डालें तो स्थिति स्पष्ट होती है। ग्वार के भाव में 194 रुपये, बाजरी में 18 रुपये, अरंडी में 106 रुपये और मोठ में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। इसके विपरीत, गेहूं 35 रुपये, जौ 5 रुपये, मूंग 300 रुपये, इसबगोल 795 रुपये और सरसों 75 रुपये प्रति क्विंटल सस्ता बिका। Nohar Mandi Bhav
आज के प्रमुख हाजिर भाव (Nohar Mandi Bhav)
मंडी में आज विभिन्न जिंसों के भाव इस प्रकार रहे:
ग्वार: 4,000 से 5,232 रुपये प्रति क्विंटल
अरंडी: 5,800 से 6,791 रुपये
मोठ: 2,700 से 3,999 रुपये
सरसों: 6,100 से 6,446 रुपये
मूंग: 4,000 से 6,900 रुपये
चना: 5,000 से 5,400 रुपये
कपास: 6,628 से 6,750 रुपये
तिल (सफेद): 10,000 रुपये
तिल (काला Z Black): 18,000 से 24,600 रुपये
मूंगफली (देशी): 5,000 से 6,251 रुपये
वायदा बाजार में भी ग्वार की धमक (Nohar Mandi Bhav)
वायदा बाजार (NCDEX) में भी ग्वार की तेजी का रुख जारी रहा। ग्वार सीड का जनवरी कॉन्ट्रैक्ट पिछले बंद भाव 5,100 रुपये के मुकाबले 20 रुपये की तेजी के साथ 5,120 रुपये पर खुला और कारोबार के दौरान 204 रुपये की उछाल के साथ 5,304 रुपये का शिखर छुआ। इसी तरह, ग्वार गम का भाव 57 रुपये की बढ़त के साथ 9,384 रुपये पर खुला और 373 रुपये की तेजी के साथ 9,700 रुपये तक पहुंच गया। यह गति स्पष्ट संकेत दे रही है कि नकदी और वायदा, दोनों बाजारों में ग्वार के प्रति निवेशकों का रुझान मजबूत बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिश्रित रुझान कृषि बाजार की गतिशील प्रकृति को दर्शाता है। कुछ जिंसों में मांग और आपूर्ति का दबाव भाव तय कर रहा है, तो कुछ पर मौसमी पूर्वानुमान और वैश्विक बाजार का असर पड़ रहा है। ग्वार जैसी फसल में लगातार जारी तेजी से किसानों को लाभ की उम्मीद है, हालांकि तिलहन में आई मंदी ने व्यापारियों के लिए चुनौती पेश की है। आने वाले दिनों में सरकार की खरीद नीति और अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझान स्थानीय मंडियों के भाव निर्धारण में अहम भूमिका निभाएंगे। किसानों और व्यापारियों के लिए बाजार की इस उठा-पटक के बीच सतर्कता और सही समय पर निर्णय ही कुंजी होगी। (Nohar Mandi Bhav)



