School Bomb Threat- पंजाब के अमृतसर में शुक्रवार की सुबह अचानक अफवाह और आशंका के बादल छा गए, जब शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के कई स्कूलों को बम की धमकी वाले कई संदिग्ध ईमेल प्राप्त हुए। इस घटना ने पूरे शहर में दहशत का माहौल पैदा कर दिया, जिसके बाद प्रशासन ने सभी स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद करने और छात्रों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने के निर्देश दिए। घटना के बाद चिंतित अभिभावक अपने बच्चों को लेने के लिए विभिन्न विद्यालयों की ओर दौड़ पड़े।
अमृतसर पुलिस-प्रशासन की तत्काल कार्रवाई, साइबर जांच तेज
इस संवेदनशील स्थिति पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए अमृतसर के पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि शहर के विभिन्न विद्यालयों को धमकी भरे ईमेल मिले हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस पूरी तरह सतर्क है और हर संभव कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हर स्कूल में एक गजेटेड अधिकारी तैनात किया गया है और एंटी-सैबोटेज (विध्वंस रोधी) जांच दल लगातार स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं। साइबर पुलिस स्टेशन युद्धस्तर पर इन ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटा हुआ है।”
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य साइबर सेल के साथ-साथ केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग भी लिया जा रहा है। पुलिस आयुक्त ने नागरिकों से घबराने की अपील करते हुए कहा कि पहले भी कुछ मामलों में छात्रों को ऐसी ‘शरारत’ करते पाया गया है। उन्होंने कहा, “ऐसी परिस्थितियों में सतर्क रहना जरूरी है, लेकिन घबराहट फैलाने की आवश्यकता नहीं है। हम पूरी तरह स्थिति पर नियंत्रण रखे हुए हैं।”
छात्रों को सुरक्षित निकाला गया, अभिभावकों में चिंता
धमकी की खबर फैलते ही स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छात्रों को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से विद्यालय परिसर से बाहर निकालना शुरू कर दिया। कई स्कूलों के बाहर अभिभावकों की लंबी कतारें देखी गईं, जो अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता में थे। जिला प्रशासन के आदेश पर शुक्रवार को अमृतसर के सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। यह कदम सावधानी के तौर पर उठाया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह से जांच करने का समय मिल सके।
पूर्व में भी हुआ है ऐसा मामला, सांसद ने की केंद्र से मदद की मांग
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी अमृतसर के एक स्थानीय डीएवी पब्लिक स्कूल के एक छात्र ने अपने ही विद्यालय को बम धमकी का ईमेल भेजा था। उस छात्र को हिरासत में लेने के बाद, उसके और उसके अभिभावकों द्वारा लिखित माफीनामा देने पर छोड़ दिया गया था। इस पृष्ठभूमि को देखते हुए वर्तमान मामले की जांच और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
इस पूरी स्थिति पर संसद सदस्य गुरजीत सिंह औजला ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान से अनुरोध किया है कि केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से जल्द से जल्द दोषियों तक पहुंचा जाए। उन्होंने माता-पिता और स्कूल प्राधिकारियों से शांत रहने और प्रशासन पर भरोसा रखने की अपील की है।
फिलहाल, अमृतसर में सुरक्षा बलों की टीमें पूरी सतर्कता के साथ तैनात हैं। प्रशासन का मुख्य ध्यान दो बातों पर है: पहला, इन धमकी भरे संदेशों के स्रोत का शीघ्र पता लगाकर दोषियों को कानून के शिकंजे में लाना, और दूसरा, आम जनता व छात्रों के मन से भय दूर करके सामान्य स्थिति बहाल करना। आने वाले घंटे और दिन इस बात के लिए महत्वपूर्ण होंगे कि प्रशासन कितनी तेजी से इस मामले को सुलझाता है और शहर के शैक्षिक वातावरण में फिर से विश्वास कायम कर पाता है।



