नई दिल्ली, 15 दिसंबर 2025- राष्ट्रीय राजधानी बुधवार सुबह उस समय ठिठुर गई जब घना कोहरा और ‘गंभीर प्लस’ श्रेणी का वायु प्रदूषण एक साथ टूट पड़ा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक दृश्यता 50 मीटर तक घट गई और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 500 के अधिकतम पैमाने को पार कर गया। नतीजतन, हवाई, रेल व सड़क यातायात ठप हो गया; लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने तत्काल ‘बाहर न निकलने’ की चेतावनी जारी कर दी।
- दिल्ली-NCR में कोहरा + जहरीला धुआँ: दिल्ली वालों पर दोहरी मार
- भारतीय मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट, अगले 48 घंटे स्थिति दिल्ली-NCR में बरकरार रहने के आसार
- हवाई अड्डे पर ‘कैंसिल-लेट’ का तांडव
- दिल्ली-NCR में स्वास्थ्य पर ‘सिलेंट अटैक’
- दिल्ली-NCR में प्रशासनिक प्रतिक्रिया
- दिल्ली-NCR में आगामी 48 घंटे: राहत की उम्मीद कम
दिल्ली-NCR में कोहरा + जहरीला धुआँ: दिल्ली वालों पर दोहरी मार
– दिल्ली-NCR में न्यूनतम तापमान: 8.2°C (सामान्य से 1°C नीचे)
– दिल्ली-NCR में दृश्यता: 50 मीटर (06:30 IST)
भारतीय मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट, अगले 48 घंटे स्थिति दिल्ली-NCR में बरकरार रहने के आसार
अशोक विहार, आनंद विहार व अक्षरधाम जैसे इलाकों में AQI क्रमशः 500, 493 और 491 दर्ज हुआ। द्वारका (469) और नोएडा (454) भी ‘गंभीर’ श्रेणी से ऊपर रहे। वायुमंडल में PM2.5 का स्तर 295 µg/m³ तक पहुँच गया, जो WHO सीमा (25 µg/m³) से 12 गुना अधिक है। SAFAR के वैज्ञानिक डॉ. गुफ्रान बेग बताते हैं, “उच्च आर्द्रता (84%) और शांत हवा (2 km/h) ने प्रदूषण को जमीन पर ही फँसा दिया है; कोहरे की बूंदों में विषैले कण घुलकर फेफड़ों तक सीधे पहुँच रहे हैं।”
हवाई अड्डे पर ‘कैंसिल-लेट’ का तांडव
– रद्द उड़ानें: 108 (इंडिगो 52, स्पाइसजेट 28, एयर इंडिया 18, विस्तारा 10)
– देरी से आने/जाने वाली: 312
– रनवे दृश्यता: 125 मीटर (06:00-09:00)
DCA अधिकारियों ने बताया कि कैट-IIIबी लैंडिंग सिस्टम वाली उड़ानें ही संचालित हो पा रही हैं। दिल्ली-NCR में यात्रियों को सलाह दी गई है कि एयरपोर्ट आने से पहले फ्लाइट स्टेटस अवश्य चेक करें। रेलवे की बात करें तो नॉर्दर्न रेलवे के 42 ट्रेनें औसतन 3 से 7 घंटे लेट चल रही हैं; राजधानी, शताब्दी और वंदे भारत एक्सप्रेस को प्राथमिकता दी जा रही है।
दिल्ली-NCR में स्वास्थ्य पर ‘सिलेंट अटैक’
Safdarjung अस्पताल के चेस्ट मेडिसिन विभाग में बुधवार सुबह 10 बजे तक 147 मरीज़ पहुँच चुके थे—इनमें 39 बच्चे और 58 वृद्ध। डॉ. राजेश चोकर बताते हैं, “लगातार ‘Severe Plus’ AQI में रहने से ब्रोंकाइटिस, अस्थमा और COPD के मामले 30% तक बढ़ जाते हैं।” विशेषज्ञों की सलाह:
– सुबह 6-10 बजे तक टहलना बंद करें
– N95/पी100 मास्क अनिवार्य; सर्जिकल मास्क बेकार
– घरेलू एयर-प्यूरीफायर HEPA फिल्टर से लैस हो
– बच्चों-बुजुर्गों को स्कूल बस की खिड़कियाँ बंद रखने को कहें
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्राइमरी हेल्थ सेंटर को ‘एयर-पॉल्यूशन क्लिनिक’ में तब्दील करने का निर्देश दिया है; नेबुलाइज़र, ऑक्सीमीटर और स्टेरॉयड इनहेलर का स्टॉक बढ़ाया गया है।
दिल्ली-NCR में प्रशासनिक प्रतिक्रिया
– DPCC: ग्रेप-4 प्रतिबंध—DG सेट, ट्रक-प्रवेश और निर्माण पर रोक
– ट्रैफिक पुलिस: NH-48, NH-44 पर 30 km/h की स्पीड लिमिट
– DMRC: मेट्रो की फ्रीक्वेंसी सुबह 8 बजे तक 2 मिनट से कम रखी गई
मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्कूलों को 16 दिसंबर तक छुट्टी घोषित करने का सुझाव दिया है, लेकिन शिक्षा निदेशालय ने फिलहाल ‘ऑनलाइन क्लासेज़’ तक सीमित रखने का फैसला लिया है।
दिल्ली-NCR में आगामी 48 घंटे: राहत की उम्मीद कम
IMD के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख डॉ. कुलदीप श्रीवास्तव बताते हैं, “14 दिसंबर की रात एक वीक पश्चिमी विक्षोभ आएगा, लेकिन यह जम्मू-कश्मीर-हिमाचल में बर्फबारी करेगा; मैदानी इलाकों में बस बादल छाए रहेंगे। हवा की गति 6-8 km/h हो जाएगी, जिससे प्रदूषण थोड़ा फैल सकता है, लेकिन ‘सेवियर प्लस’ श्रेणी से नीचे आने की संभावना 17 दिसंबर तक कम है।” दिन का अधिकतम तापमान 23°C और न्यूनतम 8°C के आसपास रहने का अनुमान है।
दिल्ली-NCR में नागरिक उपाय
1. कार पूलिंग, CNG बस या मेट्रो का प्रयोग
2. घरेलू कूड़े-कचरे की निश्चित समय पर ही जलाना/उठाना
3. वाटर-बेस्ड पेंट और वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल
4. पालक, अदरक, हल्दी वाला सूप—विटामिन-C से इम्यूनिटी बढ़ाएँ
दिल्ली-NCR में कोहरा और प्रदूषण का ‘डबल-व्हैमी’ अटैक जारी है। जब तक पश्चिमी विक्षोभ हवा की दिशा बदल नहीं देता, स्थिति सुधरने वाली नहीं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है—‘जरूरी हो तो ही बाहर निकलें, और निकलें तो N95 मास्क के बिना एक कदम भी नहीं।’ सरकार ने प्रतिबंध लगा दिए हैं, लेकिन प्रदूषण को कम करना नागरिक जिम्मेदारी भी है। अगर 17 दिसंबर तक हवा की गति बढ़ी और तापमान 6°C तक गिरा, तो कोहरा घना होगा, लेकिन धुआँ कम—तब असली सर्दी का स्वाद मिलेगा, बिना ‘विषाक्ट धुएँ’ के।



