राजस्थान Weather Alert- राजस्थान की राजधानी जयपुर सहित पुरे राजस्थान में मानसून का दौर थम गया है। बीते दिन शुक्रवार को जयपुर में तेज धूप खिलने की वजह से दिन और रात के पारे में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वही प्रदेश के अन्य जगहों पर सूर्य की लपटे तेज रही। राजस्थान मौसम विभाग के मुताबिक 17 सितंबर को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की भी संभावना है जिसकी वजह से राजस्थान में मौसम करवट ले सकता है।
आपको जानकारी के लिए बता दे राजस्थान मौसम विभाग ने आगामी दो सप्ताह का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके तहत प्रथम सप्ताह यानी 12 से 18 सितंबर तक राजस्थान के अधिकांश जिलों में आगामी दिनों में पश्चिमी हवाएं प्रभावित होने तथा बारिश की गतिविधियों में कमी देखी जायेगी। साथ ही तापमान में दो से तीन डिग्री बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना भी बन रही है।
राजस्थान के अधिकांश जिलों में आगामी एक सप्ताह मौसम मुख्यतः शुष्क रहने और केवल छुटपुट स्थानों पर हल्की/मध्यम बारिश होने की संभावना मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में बताई है। दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में 17 सितंबर से पुनः बादलो की गरज के साथ बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। वही श्रीगंगानगर जिलें का पारा प्रदेश में सबसे अधिक रहा। अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वही राजस्थान में इस बार मानसून एकदम मेहरबान रहा। भारी बारिश के कई नदियां अभी भी उफान पर बह रही है। वहीं, बीसलपुर सहित कई बड़े राजस्थान के बांध अभी भी छलक रहे हैं। अच्छी बात ये रही कि इस बार राजस्थान के सभी जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई। राजस्थान में कुल 703.3 MM बरसात दर्ज हुई, जो सामान्य वर्षा 410.1 से 72 प्रतिशत ज्यादा रही। वहीं, प्रदेश के 11 जिलों में बारिश में नया रिकॉर्ड भी बनाया। अजमेर, बारां, बूंदी, दौसा सहित 11 जिलों में 100 फीसदी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
अब मौसम विभाग की मानें तो अभी मानसून गया नहीं है। नया वेदर सिस्टम शुरू होने से राजस्थान में एक बार फिर मानसून की अंतिम बारिश का दौर शुरू होगा। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार मानसून नया रिकॉर्ड भी बना सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि 16 सितंबर तक प्रदेश में मानसून शुष्क रहेगा। लेकिन, 17 सितंबर से फिर बारिश का दौर शुरू होगा, जो एक सप्ताह तक जारी रहने की संभावना भी है।
राजस्थान इन 11 जिलों बना मानसून बारिश का नया रिकॉर्ड
राजस्थान के सभी जिलों में वैसे तो औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। लेकिन, 11 जिलों में बारिश का नया रिकॉर्ड भी बन गया। मौसम विभाग के 1 जून से 11 सितंबर तक के आंकड़ों पर नजर डाले तो राज्य के 11 जिलों में औसत से 100 फीसदी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। इस लिस्ट में अजमेर, बारां, बूंदी, दौसा, धौलपुर, सवाई माधोपुर, सीकर, हनुमानगढ़, नागौर, टोंक और श्रीगंगानगर जिले शामिल रहे।
राजस्थान में मानसून का तांडव: जिलेवार बारिश का लेखा-जोखा (1 जून – 11 सितंबर)
इस मानसून सीजन में राजस्थान के कई जिलों में सामान्य से कहीं अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों और आम जनता के लिए मिश्रित परिणाम सामने आए हैं। जहाँ कुछ क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हुई है, वहीं कई जिलों में कृषि के लिए यह बारिश वरदान साबित हुई है।
अत्यधिक वर्षा वाले जिले (सामान्य से 100% से अधिक):
- हनुमानगढ़: 146% अधिक वर्षा के साथ सबसे आगे।
- श्रीगंगानगर: 136% अधिक वर्षा।
- दौसा: 121% अधिक वर्षा।
- टोंक: 110% अधिक वर्षा।
- सवाई माधोपुर: 110% अधिक वर्षा।
- धौलपुर: 108% अधिक वर्षा।
- नागौर: 107% अधिक वर्षा।
- सीकर: 105% अधिक वर्षा।
- चूरू: 102% अधिक वर्षा।
- बारां: 101% अधिक वर्षा।
- बूंदी: 101% अधिक वर्षा।
प्रमुख जिलों की बारिश का विवरण (मिमी में):
| जिला | हुई बारिश | सामान्य बारिश | अतिरिक्त (%) |
|---|---|---|---|
| अजमेर | 862.6 | 431.6 | 100% |
| अलवर | 727.6 | 510.5 | 43% |
| बांसवाड़ा | 1095.5 | 818.4 | 34% |
| बारां | 1582.1 | 786.6 | 101% |
| जयपुर | 911.9 | 495.4 | 84% |
| कोटा | 1222.3 | 696.4 | 76% |
| जोधपुर | 500.5 | 277.1 | 81% |
| उदयपुर | 819.7 | 570.5 | 44% |
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, हनुमानगढ़ जिले में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है, जहाँ सामान्य से 146% अधिक वर्षा हुई है।
यह डेटा राज्य भर में मानसून की व्यापकता और तीव्रता को दर्शाता है।



