Haryana weather forecast: अक्टूबर का अंतिम सप्ताह शुरू हो चुका है, लेकिन हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में अब तक ठंड ने अपनी ठोस दस्तक नहीं दी है। अंबाला, फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे प्रमुख शहरों में सुबह के समय न तो कोहरा दिखाई दिया और न ही तापमान में कोई तीव्र गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, कुछ जिलों में हल्की धुंध की स्थिति जरूर देखने को मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में तापमान में मामूली बदलाव की संभावना है, लेकिन फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा।
- हिसार में तापमान सामान्य से नीचे
- हरियाणा में 27 अक्टूबर तक रहेगा शुष्क मौसम
- हरियाणा राज्य की वायु गुणवत्ता में गिरावट, स्वास्थ्य पर असर
- नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह
- मौसम स्थिर, प्रदूषण पर निगरानी जरूरी
- हिमाचल की वादियों में गूंजेगा सैलानियों का शोर, बर्फबारी ने बढ़ाई कारोबार की उम्मीदें, एडवांस बुकिंग में तेजी
हिसार में तापमान सामान्य से नीचे
हरियाणा के हिसार जिले में दिन और रात के तापमान में सामान्य से थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.8 डिग्री सेल्सियस कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 15.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.3 डिग्री सेल्सियस कम रहा। यह संकेत है कि धीरे-धीरे मौसम में बदलाव आ रहा है, लेकिन अभी तक ठंड का प्रभाव व्यापक रूप से महसूस नहीं किया गया है।
हरियाणा में 27 अक्टूबर तक रहेगा शुष्क मौसम
हरियाणा मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, राज्य में 27 अक्टूबर तक मौसम सामान्य रूप से शुष्क बना रहेगा। इस अवधि में हरियाणा में दिन के तापमान में हल्की वृद्धि और रात के तापमान में मामूली गिरावट की संभावना जताई गई है। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है। साथ ही, उत्तर और उत्तर-पश्चिमी दिशा से हल्की से मध्यम गति की हवाएं चलने की संभावना है, जो मौसम को ठंडा बनाने में सहायक होंगी।
हरियाणा राज्य की वायु गुणवत्ता में गिरावट, स्वास्थ्य पर असर
मौसम की स्थिरता के बीच राज्य के कई शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। खासकर गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे औद्योगिक और शहरी क्षेत्रों में हवा में प्रदूषक तत्वों की मात्रा बढ़ गई है। फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 226 दर्ज किया गया है, जबकि गुरुग्राम का AQI 209 रहा। यह स्तर ‘खराब’ श्रेणी में आता है और संवेदनशील लोगों के लिए स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न कर सकता है।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में भी वायु गुणवत्ता का स्तर 204 से लेकर 380 के बीच बना हुआ है, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्तर की हवा में सांस लेने से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और अन्य श्वसन संबंधी रोगों की आशंका बढ़ जाती है। यही कारण है कि प्रभावित क्षेत्रों में लोग मास्क पहनकर बाहर निकल रहे हैं और विशेष सावधानी बरत रहे हैं।
नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे सुबह और शाम के समय बाहर निकलने से बचें, विशेषकर वे लोग जो पहले से ही सांस की बीमारी से ग्रस्त हैं। साथ ही, घरों में एयर प्यूरीफायर का उपयोग करने और पर्याप्त जल सेवन करने की भी सिफारिश की गई है। प्रशासन द्वारा भी प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन नागरिकों की जागरूकता और सहयोग आवश्यक है।
मौसम स्थिर, प्रदूषण पर निगरानी जरूरी
हरियाणा में फिलहाल मौसम सामान्य बना हुआ है और ठंड की शुरुआत धीमी गति से हो रही है। हालांकि, वायु गुणवत्ता में गिरावट ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को बढ़ा दिया है। आगामी दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव की संभावना है, लेकिन प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन और नागरिकों दोनों को मिलकर प्रयास करने होंगे। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो यह स्थिति गंभीर रूप ले सकती है।



