Haryana Halchal News- सिरसा जिले के नरमा कपास उत्पादक किसानों के लिए एक सुविधाजनक पहल की शुरुआत हुई है। भारतीय कपास निगम (CCI) ने बुधवार से कपास किसान एप्लिकेशन के माध्यम से स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया का शुभारंभ किया है। इस नवीनतम व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज, नरमा-कपास, समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए लंबी प्रतीक्षा और अनावश्यक परेशानियों से मुक्ति दिलाना है। अब किसान अपने घरों से ही मोबाइल फोन के जरिए एक निश्चित तिथि और स्थान पर अपनी फसल बेचने के लिए समय पहले से आरक्षित कर सकेंगे।
मंडी पहुंचे अधिकारियों ने दी जानकारी
इस नई प्रक्रिया को किसानों तक सीधे पहुंचाने और उनकी प्रतिक्रिया जानने के लिए CCI के अधिकारियों ने बुधवार को सिरसा अनाज मंडी का एक विशेष निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां उपस्थित किसानों के साथ रूबरू बातचीत की और उन्हें ऐप पर स्लॉट बुक करने की संपूर्ण प्रक्रिया से अवगत कराया। CCI के एक वरिष्ठ अधिकारी श्री राजीव शर्मा ने किसानों से अपील की कि वे इस डिजिटल सुविधा का लाभ उठाएं और जल्द से जल्द अपनी स्लॉट बुक कराकर सरकारी खरीद का पूरा फायदा प्राप्त करें। उन्होंने यह भी बताया कि प्रारंभिक चरण में 24 से 30 अक्टूबर तक की अवधि के लिए स्लॉट उपलब्ध करवाए गए हैं।
किसान कैसे करें नरमा कपास MSP पर बेचने के लिए कैसे करें स्लॉट बुक?
इस पूरी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। जिले के पंजीकृत किसान ‘कपास किसान एप’ पर जाकर अपना नाम खोज सकते हैं। इसके बाद, उन्हें सीसीआई द्वारा निर्धारित 13 फैक्ट्रियों में से किसी एक को चुनकर अपनी उपज बेचने के लिए एक सुविधाजनक स्लॉट बुक करना होगा। प्रत्येक फैक्ट्री में प्रतिदिन लगभग 1500 क्विंटल कपास की खरीद की क्षमता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि खरीद प्रक्रिया व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से संपन्न हो।
निजी खरीदारों से मिल रहे थे कम दाम
इस सीज़न में सिरसा की विभिन्न मंडियों में अब तक एक लाख तिहत्तर हजार से अधिक क्विंटल नरमा-कपास की आवक दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण, बहुत से किसानों को अपनी उपज निजी खरीदारों को बेचनी पड़ी। इन निजी खरीदारों ने कपास का भाव महज 6500 से 7200 रुपये प्रति क्विंटल तक ही दिया, जबकि सरकार द्वारा तय समर्थन मूल्य 8110 रुपये प्रति क्विंटल है। कुछ मामलों में तो किसानों से खराब गुणवत्ता का हवाला देकर उनकी फसल मात्र 5000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदी गई। इस तरह किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल सका।
सीसीआई की इस ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया ने किसानों में एक नई उम्मीद जगाई है। इससे न सिर्फ उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य मिलने की संभावना बढ़ी है, बल्कि उनका कीमती समय और पैसा भी बचेगा, जो पहले मंडियों में लंबा इंतजार करने में खर्च होता था। यह डिजिटल पहल कृषि क्षेत्र में तकनीक के एकीकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि इससे कपास खरीद प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, कुशल तथा किसान-हितैषी बनेगी, जिसका सीधा लाभ देश के अन्नदाताओं को मिलेगा।



