Haryana Halchal, Haryana Crime News- पलवल जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के अपने अभियान के तहत पलवल पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने करमन बॉर्डर टोल टैक्स के निकट एक सुनियोजित ऑपरेशन में दो अभियुक्तों को उनके वाहन सहित धर दबोचा है। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 110 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसका बाजार में अनुमानित मूल्य 50 लाख रुपये बताया जा रहा है। यह घटना उस सतर्कता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है, जिसके साथ पुलिस जिले को नशे के जहर से मुक्त करने के लिए प्रयासरत है।
पुलिस को मिली सूचना पर तुरंत कार्रवाई
इस मामले की कहानी तब शुरू हुई जब पलवल पुलिस को विश्वसनीय सूत्रों से एक महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई। सूचना के अनुसार, सुंदर पुत्र देवीराम एवं उमेद पुत्र कलवा, दोनों ही गांव अलावलपुर, थाना चांदहट के निवासी हैं और अवैध रूप से गांजे की तस्करी एवं वितरण में संलग्न हैं। सूचना में यह भी था कि यह दोनों एक स्कॉर्पियो वाहन में बड़ी मात्रा में गांजा लेकर कोसी, उत्तर प्रदेश की तरफ से पलवल की ओर आ रहे हैं। इस अमूल्य सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक श्री वरुण सिंगला के निर्देशन में तुरंत एक टीम गठित की गई और करमन बॉर्डर टोल टैक्स के समीप रणनीतिक रूप से नाकाबंदी कर दी गई।
पुलिस ने की नाकाबंदी और गिरफ्तारी
पुलिस की इस टीम ने अत्यंत सावधानी और संयम से कार्य करते हुए संदिग्ध वाहन को घेर लिया और दोनों अभियुक्तों को बिना किसी घटना के गिरफ्तार कर लिया। वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस को स्कॉर्पियो के अंदर पांच प्लास्टिक के बड़े बंडल मिले। जब इन बंडलों को खोला गया तो उनमें से कुल 109.856 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। यह गांजा उच्च गुणवत्ता का पाया गया और माना जा रहा है कि इसका उद्देश्य पलवल और आसपास के इलाकों में युवाओं की एक पूरी पीढ़ी को इस नशे के जाल में फंसाना था। प्रारंभिक पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि यह गांजा उन्होंने ओडिशा से प्राप्त किया था और स्थानीय स्तर पर इसे बेचने का इरादा रखते थे।
पुलिस प्रमुख का सख्त रुख
इस सफल ऑपरेशन के बाद पुलिस अधीक्षक श्री वरुण सिंगला ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर मामले के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने न केवल इस कार्रवाई को पुलिस की सूचना तंत्र की मजबूती का परिणाम बताया, बल्कि नशा तस्करों के प्रति एक स्पष्ट और सख्त चेतावनी भी जारी की। श्री सिंगला ने कहा, “हमारा रुख इस मामले में अत्यंत स्पष्ट और कठोर है। नशा तस्करों को केवल जेल की सलाखों के पीछे ही नहीं धकेला जाएगा, बल्कि उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को भी अटैच करके जब्त किया जाएगा और ध्वस्त किया जाएगा। हमारा लक्ष्य इनके लिए इस धंधे को पूरी तरह से असंभव बना देना है।”
जनसहयोग का आह्वान
श्री सिंगला ने आगे जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि समाज का प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक इस लड़ाई में पुलिस का साथ दे। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति
नशे की अवैध गतिविधियों की सूचना पोर्टल नंबर 1930 पर दे सकता है। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि सूचना देने वाले का पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी। यह कदम लोगों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने और एक सुरक्षित वातावरण निर्मित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
पलवल पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ को सड़कों से बाहर करने में सफल रही है, बल्कि इसने एक स्पष्ट संदेश भी दिया है कि कानून के रखवाले किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेंगे। भविष्य में भी इसी प्रकार के ऑपरेशन जारी रहने की संभावना है। यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी के रूप में भी कार्य करती है कि नशे का व्यापार न केवल कानूनी रूप से गलत है, बल्कि यह समाज की नींव को भी खोखला कर रहा है। पुलिस और जनता के बीच सहयोग का यह मॉडल यदि सफल रहा, तो निश्चित ही पलवल जिला नशामुक्ति की दिशा में एक मिसाल कायम कर सकेगा।



