Haryana weather news,चंडीगढ़- दीपावली के पर्व से पहले हरियाणा में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर रूप लेने लगा है। विशेषकर सुबह के समय राज्य के विभिन्न हिस्सों में धुंध की हल्की परत देखी जा रही है, जो प्रदूषण के बढ़ते स्तर की ओर संकेत करती है। गुरुग्राम, बहादुरगढ़ और नारनौल जैसे शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है, जिससे जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
हरियाणा के गुरुग्राम में AQI ने पार किया गंभीरता का स्तर
शनिवार को गुरुग्राम के सेक्टर 51 में AQI का स्तर 500 तक पहुंच गया, जो कि ‘बेहद गंभीर’ श्रेणी में आता है। हालांकि पूरे शहर का औसत AQI 258 दर्ज किया गया, जो भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। लगातार दूसरे वर्ष गुरुग्राम हरियाणा राज्य के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहा है। इसके साथ ही बहादुरगढ़ और नारनौल में भी वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय निवासियों को सांस संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
हरियाणा में तापमान में गिरावट के साथ बढ़ी ठंडक की अनुभूति
हरियाणा में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह के समय ठंडी हवाओं के कारण हल्की सर्दी महसूस की जा रही है, जबकि दिन में तापमान में मामूली बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। नारनौल में न्यूनतम तापमान 16.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पूरे राज्य में सबसे कम रहा। हिसार में यह तापमान 17.7 डिग्री और गुरुग्राम में 16.3 डिग्री सेल्सियस रहा। राज्य के सात शहरों में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया, जो सर्दी की दस्तक का संकेत है।
हरियाणा में फ़िलहाल बारिश की संभावना नहीं, मौसम रहेगा शुष्क
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. मदन खीचड़ ने जानकारी दी कि 22 अक्टूबर तक प्रदेश में बारिश की कोई संभावना नहीं है। इस अवधि में आसमान साफ रहेगा और मौसम पूरी तरह से शुष्क बना रहेगा। दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि रातें ठंडी बनी रहेंगी। राज्य में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। शनिवार को नूंह जिले में सबसे अधिक तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया।
दिल्ली-एनसीआर में GRAP-1 के तहत सख्ती
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण की सख्त पाबंदियां लागू कर दी हैं। इस योजना के तहत प्रदूषण फैलाने वाले सभी स्रोतों पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। GRAP-1 के अंतर्गत धूल नियंत्रण, खुले में कचरा जलाने पर प्रतिबंध, सड़कों पर पानी का छिड़काव और वाहनों की नियमित जांच जैसे उपाय किए जा रहे हैं।
हालांकि GRAP लागू हुए चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन प्रदूषण के स्तर में कोई उल्लेखनीय कमी नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक जनसहभागिता और सख्त निगरानी नहीं होगी, तब तक इन उपायों का प्रभाव सीमित ही रहेगा।
हरियाणा में प्रदूषण नियंत्रण की चुनौती बरकरार
हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। दीपावली जैसे पर्वों के दौरान प्रदूषण का स्तर और अधिक बढ़ने की आशंका है। ऐसे में प्रशासनिक उपायों के साथ-साथ नागरिकों की जागरूकता और सहयोग अत्यंत आवश्यक है। मौसम की स्थिति फिलहाल शुष्क बनी हुई है, जिससे प्रदूषक तत्वों का फैलाव और अधिक हो सकता है। आने वाले दिनों में यदि ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह संकट और गहराता जा सकता है।



