Himachal Flood NHAI: मंडी से कुल्लू को जोड़ने वाला एक्सप्रेस-वे भारी बारिश के चलते एकदम बंद हो गया है. जलसैलाब के चलते NHAI के सामने कई तरह की चुनौती खड़ी कर दी है. जिससे निपटना भी फ़िलहाल थोडा मुश्किल नजर आ रहा है. बीते कई दिनों से जारी बरसात के कहर भूस्खलन और ब्यास नदी में एकदम बढ़े जलस्तर से बाढ़ के कारण दो साल के अंदर ही कीरतपुर-मनाली फोरलेन लगभग खत्म हो गया है.
ताजा जानकारी के अनुसार पंडोह से मनाली तक का फोरलेन एक्सप्रेस-वे पूरी तरह से बह गया है. NHAI द्वारा अब यहां नए सिरे से सड़क का निर्माण किया जाएगा. भारी जलस्तर के चलते स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि ब्यास नदी डोहलुनाला रायसन टोल प्लाजा को चीरते हुए बह रही है. और इस बाढ़ से पैदा हुई आपदा से NHAI को लगभग 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है, जो कि वर्ष 2023 में आई बाढ़ से चार गुना ज्यादा है.
यह भी पढ़ें: मौसम विभाग का पूर्वानुमान जारी, हरियाणा में 30 अगस्त तक इन जिलो में येलो अलर्ट
ब्यास नदी के जल सैलाब में बहीं सड़कें
ब्यास नदी में आए बारिश के पानी के उफान से रायसन, बिंदु ढांक, 15 मील और मनाली के लग्जरी बस स्टैंड जैसे प्रमुख इलाकों की सड़क नदी में पानी के साथ बह गई है. NHAI के लिए अब इन क्षतिग्रस्त इलाकों तक मशीनरी पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं है. इसी के साथ टूरिस्ट और स्थानीय लोगों को भी सड़कों के नदी में बह जाने से बहुत ही परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है. कई इलाकों में यातायात पूरी तरह ठप भी हो गया है. हालात ये है कि लोगो को आम जरूरत की चीजें भी लोगों तक नहीं पहुंच पा रही है.
क्षतिग्रस्त सड़क का काम NHAI ने युद्धस्तर पर शुरू
राज्य का शासन-प्रशासन निरंतर लोगों तक मदद पहुंचाने की कोशिशों में लगा हुआ है. इसी के साथ NHAI ने भी क्षतिग्रस्त सड़क के मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर शुरू तो कर दिया है. पंडोह-टकोली खंड में 30 से ज्यादा मशीनें और कुल्लू-मनाली खंड में 20 पोकलेन मशीनें NHAI तुरंत द्वारा लगाई गई हैं. मंडी के दवाड़ा और झलोगी में भी ब्यास का जलस्तर थोड़ा कम होते ही काम शुरू कर दिया गया है, जहां सड़क का एक बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया है और चट्टानों को तोड़ने का काम भी जारी है.
जानें कब मिलेगी लोगों को राहत
NHAI के परियोजना निदेशक वरुण चारी ने मिडिया को बताया कि बहाली का काम पूरी तेजी से चल रहा है और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद भी हैं. हालांकि, इस आपदा के कारण पंडोह और औट के बीच सैकड़ों वाहन और लोग पिछले दो दिनों से फंसे भी हुए हैं. अगर सब कुछ अनुकूल रहता है, दोपहर तक मार्ग के अस्थायी रूप से बहाल होने की उम्मीद है, जिससे फंसे हुए लोगों को राहत मिल सकेगी.
तीन दिन में 550 करोड़ का नुकसान
हिमाचल प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर विक्रमादित्य सिंह ने मिडिया को बताया कि पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश से हिमाचल प्रदेश को काफी नुकसान हुआ हैं. अभी तक कुल मिलाकर 1400 करोड़ का पीडब्ल्यूडी को नुकसान भी हुआ है. अकेले तीन दिनों में विभाग को लगभग 550 करोड़ का नुकसान हुआ है, जिसमें कई ब्रिज और सड़कें बह गई हैं. राज्य सरकार निरंतर लोगों की मदद के लिए ग्राउंड जीरो लेवल पर प्रयास कर रही है.
अब तक 310 लोगों की मौत
मानसून सीजन आपदा से संबंधित घटनाओं में मिले आंकड़ो मुताबिक अब तक कुल 310 लोगों की मौत हो गई है. राज्य में शाम तक 793 सड़कें बंद थी. मौसम विभाग ने आज भी हिमाचल प्रदेश के कई जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है.
यह भी पढ़ें:Bandhan Midcap Fund:1,800 करोड़ रुपये के पार गया इस कंपनी का फंड, निवेशकों की बल्ले-बल्ले

