Haryana News- हरियाणा की प्रमुख विपक्षी पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने राज्य सरकार के खिलाफ अपना रोष जाहिर करते हुए एक बड़े प्रदर्शन की घोषणा की है। पार्टी का मुख्य आरोप है कि प्रदेश के किसानों को पिछली बरसात में हुई फसल बर्बादी का उचित मुआवजा अभी तक नहीं दिया गया है। इसी विरोध को मजबूती से रखते हुए, INLD अब राज्य के सभी 22 जिला मुख्यालयों पर तीन नवंबर को विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगी। इस दौरान, पार्टी के प्रतिनिधि प्रत्येक जिले के उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक मांग पत्र भी सौंपेंगे।
किसानों के सामने बहुआयामी संकट
INLD ने राज्य सरकार पर केवल मुआवजे में देरी का ही आरोप नहीं लगाया है, बल्कि उन्होंने हरियाणा में खाद की गंभीर किल्लत और इस सत्र में धान एवं बाजरे जैसी मुख्य फसलों की खरीद प्रक्रिया में हुई भारी लापरवाही को भी चिन्हित किया है। पार्टी के अनुसार, यह स्थिति किसानों के लिए दोहरे संकट के समान है। एक ओर जहाँ उनकी मेहनत से तैयार फसल प्राकृतिक आपदा की भेंट चढ़ गई, वहीं दूसरी ओर सरकारी तंत्र की सुस्ती ने उनकी विपत्ति को और बढ़ा दिया है। हरियाणा में इन्हीं सभी शिकायतों और मांगों को जोर-शोर से उठाने के लिए यह प्रदर्शन अब आयोजित किया जा रहा है।
INLD में जिलावार प्रभारियों की जिम्मेदारी:
हरियाणा में इस व्यापक प्रदर्शन को सुचारू और प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए INLD के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अभय सिंह चौटाला ने सभी जिलों के लिए प्रभारियों की नियुक्ति की है। इस सूची में INLD पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी नेता शामिल हैं, जिन पर अपने-अपने जिलों में प्रदर्शन की कमान संभालने की जिम्मेदारी है। उदाहरण के तौर पर, स्वयं अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला रोहतक जिले के प्रभारी होंगे, जबकि प्रदेश अध्यक्ष श्री रामपाल माजरा को जींद जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
INLD में वरिष्ठ नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारी
इस अभियान में पार्टी ने अपने सभी बड़े चेहरों को मैदान में उतारने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष शेर सिंह बडशामी कुरूक्षेत्र के प्रभारी बनाए गए हैं, तो वहीं झज्जर से विधायक श्री अदित्य देवीलाल को कमान मिली है। राष्ट्रीय प्रधान महासचिव प्रकाश भारती को अंबाला और श्री उमेद लोहान को हिसार जिले का दायित्व सौंपा गया है। यह नियुक्तियाँ दर्शाती हैं कि पार्टी इस आंदोलन को एक सशक्त और संगठित रूप देना चाहती है।
इसी क्रम में, फरीदाबाद जैसे महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी पूर्व एचसीएस अधिकारी श्री प्रताप सिंह को दी गई है। पार्टी की महिला प्रदेश प्रभारी सुनैना चौटाला फतेहाबाद का नेतृत्व करेंगी। पूर्व विधायक दिलबाग सिंह यमुनानगर, श्री ओमप्रकाश गोरा भिवानी और डॉ. सीताराम सिरसा जिले के प्रभारी रहेंगे। सोनीपत के लिए पूर्व विधायक रामफल कुंडू और दादरी के लिए पूर्व विधायक रणवीर मंदोला को चुना गया है। इस तरह, हर जिले के लिए एक मुख्य चेहरा तय किया गया है जो वहाँ के प्रदर्शन का संचालन करेगा।
कैथल की जिम्मेदारी रामपाल माजरा और प्रदेश महासचिव प्रदीप गिल को संयुक्त रूप से मिली है। पंचकूला का नेतृत्व पूर्व डीजीपी एवं पूर्व एचसीएस सतवीर सैनी करेंगे। इसी प्रकार, रेवाड़ी के लिए नरेंद्र वर्मा एवं वेद मुंडे, महेंद्रगढ़ के लिए जसवीर ढिल्लो, पलवल के लिए आनंद श्योराण और पानीपत के लिए सुरजीत संधू को प्रभारी बनाया गया है। करनाल की कमान फूल सिंह मंजूरा के हाथों में है, जबकि गुरुग्राम का दायित्व विजय पंचगामा और अशोक प्रधान को संयुक्त रूप से दिया गया है। मेवात जिले का प्रभार ताहिर हुसैन को सौंपा गया है।
तीन नवंबर का यह प्रदर्शन हरियाणा की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना साबित हो सकता है। INLD द्वारा इतने बड़े पैमाने पर आयोजित यह विरोध प्रदर्शन स्पष्ट संदेश देता है कि पार्टी किसानों के मुद्दों को लेकर गंभीर है और सरकार पर दबाव बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार इस चुनौती पर किस प्रकार की प्रतिक्रिया देती है और क्या हरियाणा में किसानों की समस्याओं का कोई ठोस समाधान निकल पाता है।



