Haryana News: कुरुक्षेत्र की पौराणिक भूमि पर सोमवार की सुबह एक करुणाकारी घटना ने जीवन के युद्ध को हारते देखा। यहाँ की पवित्र मिट्टी पर सड़क का एक भीषण हादसा तीन परिवारों को सदमे और शोक में डाल गया है। सुबह के चार बजे का समय, जब नींदें सबसे गहरी होती हैं, तब काम से लौट रहे मेहनतकश श्रमिकों का जीवन एकाएक रुक गया। यह घटना न केवल एक सड़क दुर्घटना की कहानी है, बल्कि उन अनगिनत श्रमिकों की जोखिम भरी यात्राओं का एक दर्दनाक अध्याय है, जो रोजी-रोटी की तलाश में अपनी जान को दाव पर लगा देते हैं।
दुर्घटना का मंजर एक टक्कर ने ली तीन जानें
सोमवार, सुबह लगभग 4 बजे का समय था। पिहोवा रोड पर स्थित लोहार माजरा गांव के पास का इलाका सन्नाटे में डूबा हुआ था। इसी समय, एक क्रूजर वाहन, जिसमें लगभग 12 लोग सवार थे, तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा था। ये सभी लोग खानपुर कोलियां गांव के पास एक रिसॉर्ट में आयोजित शादी समारोह में कैटरिंग का काम करके वापस लौट रहे थे।
थकान से चूर ये मजदूर अपने घर दाना मंडी की ओर जा रहे थे। तभी अचानक सड़क पर सामने से एक खड़े ट्रक ने उनके रास्ते को एक भयानक मोड़ दे दिया। चालक के नियंत्रण से बाहर होकर क्रूजर सीधे ट्रक से जा टकराई। इस जबरदस्त टक्कर की आवाज ने आसपास के इलाके की शांति को तोड़ दिया। वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षत-विक्षत हो गया और तीन लोगों ने तत्काल अपने प्राण त्याग दिए।
पीड़ितों की पहचान और घायलों की स्थिति
इस सड़क हादसे ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के दो परिवारों को सदमे में डाल दिया है। मृतकों की पहचान संजीव कुमार और पवन कुमार के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के लिए एक बेहतर जीवन की तलाश में यहाँ आए थे। घायलों में नरेश, फैजल, मेहरार, राजोरी के विशाल और सौरभ जैसे नाम शामिल हैं, जिनकी जिंदगी अब एक अनिश्चित इंतजार में है।
चार घायलों की हालत अत्यंत गंभीर देखते हुए, उन्हें उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के लिए करनाल स्थित कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित किया गया है। घायलों में से एक, अंकुश, ने इस दुर्घटना की भयावहता को याद करते हुए बताया कि कैसे एक पल में खुशी का सफर एक सिसकियों भरे मंजर में बदल गया।
हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए, ज्योतिसर चौकी के इंचार्ज संजीव कुमार के नेतृत्व में पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके। संबंधित परिवारों को इस दुखद समाचार से अवगत करा दिया गया है। इस दुर्घटना में ट्रक चालक को तुरंत हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज करके आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि खड़े ट्रक की अनदेखी और संभवतः चालक की थकान इस हादसे का प्रमुख कारण रही।
कुरुक्षेत्र का यह हृदयविदारक सड़क हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा के प्रति हमारी लापरवाही और सजगता की कमी को उजागर करता है। रात के अंधेरे में थके हारे चालकों की लंबी यात्राएँ और सड़कों पर अनियंत्रित वाहन, मौत के जाल बुनते हैं। यह घटना केवल आंकड़ों में तीन मौतों और छह घायलों की नहीं है, बल्कि उन परिवारों के सपनों के टूटने की कहानी है, जिनके प्रियजन रोजी-रोटी की तलाश में घर से निकले थे। भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए सख्त यातायात नियमों का पालन, चालकों के लिए पर्याप्त आराम के नियम और वाहनों की उचित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करना अत्यावश्यक है। तभी हम वास्तव में इन मेहनतकश नागरिकों के जीवन की रक्षा कर पाएंगे।



