Haryana Halchal News,चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए गुरुग्राम में 30 अस्पताल आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इन स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण पर 26.20 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। यह निर्णय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती राव की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक में लिया गया, जिसमें प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे में व्यापक सुधार के लिए अहम फैसले किए गए। इस परियोजना के पूरा होने के बाद गुरुग्राम के निवासियों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं तक बेहतर पहुंच मिल सकेगी।
आधुनिक उपकरणों से लैस होंगे अस्पताल
बैठक में केवल अस्पताल भवन निर्माण तक ही सीमित न रहते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए विभिन्न आधुनिक उपकरणों की खरीद को भी मंजूरी दी गई। इनमें प्रदेश के सभी सिविल अस्पतालों के लिए 87 डिफाइब्रिलेटर (4.64 करोड़ रुपये), 40 मोबाइल एक्स-रे मशीनें (1.01 करोड़ रुपये), 11 वीडियो ब्रोंकोस्कोप (4 करोड़ रुपये) और जीआई वीडियो एंडोस्कोपी सिस्टम (7.19 करोड़ रुपये) शामिल हैं। यह उपकरण रोगियों की बेहतर स्क्रीनिंग, निदान और उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, विशेष रूप से श्वसन और पाचन संबंधी बीमारियों के मामले में।
विशेषज्ञता के अनुसार विभिन्न विभागों को मिला लाभ
स्वास्थ्य समिति ने विभिन्न विशेषज्ञता वाले विभागों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग उपकरणों की खरीद को भी स्वीकृति प्रदान की। अस्पताल में हिस्टोपैथोलॉजी विभागों के लिए 9 स्वचालित स्लाइड स्टेनर (1.60 करोड़ रुपये) और दंत सेवाओं को मजबूती प्रदान करने के लिए 4 मोबाइल डेंटल वैन (2.20 करोड़ रुपये) मंजूर किए गए। लैबोरेटरी सेवाओं को और अधिक सक्षम बनाने के लिए 70 एबीजी बेंचटॉप मशीनें (1.47 करोड़ रुपये) तथा नेत्र विभागों के लिए 15 हाई-एंड ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप (3.94 करोड़ रुपये) खरीदे जाएंगे। इसके अतिरिक्त, टीबी रोगियों के त्वरित और सटीक परीक्षण के लिए 40 ट्रूनेट मशीनें (6 करोड़ रुपये) भी प्राप्त की जाएंगी।
दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार की दीर्घकालिक योजना
रोगियों को जीवनरक्षक दवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए समिति ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया। लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से 44 आवश्यक दवाओं की खरीद को दो वर्षीय दीर्घकालिक समझौते (रेट एग्रीमेंट) के तहत मंजूरी दी गई है। इस कदम से न केवल दवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और लागत-दक्षता भी बढ़ेगी। यह राज्य सरकार की ‘स्वास्थ्य संबंधी सतत विकास लक्ष्यों’ (Sustainable Health Goals) को प्राप्त करने की दिशा में एक सार्थक पहल है।
इन सभी स्वीकृतियों के माध्यम से हरियाणा सरकार राज्य के स्वास्थ्य ढांचे में आमूलचूल सुधार लाने का प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने इस संबंध में कहा कि इन निवेशों का उद्देश्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों और तृतीयक स्वास्थ्य संस्थानों तक हर स्तर पर मरीजों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है।



