Hisar SI Murder Case: हरियाणा पुलिस के लिए यह दुखद दिन साबित हुआ जब जिले के ढाणी श्याम लाल इलाके में एक SI को उनके ही घर के सामने गुंडों ने इतनी निर्ममता से पीटा कि उनकी मौत हो गई। यह घटना गुरुवार देर रात करीब 11 बजे तब घटी जब पुलिस SI रमेश कुमार (57) अपने घर के बाहर टहल रहे थे। हैरानी की बात यह है कि रमेश कुमार अगले जनवरी माह में सेवानिवृत्त होने वाले थे और अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में परिवार के साथ समय बिता रहे थे।
शांतिपूर्ण शाम को बदल दिया खूनी रात में
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, SI रमेश कुमार हिसार रेंज के एडीजीपी कार्यालय में तैनात थे और उस दिन वह अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद थे। रात करीब 11 बजे जब एक समूह शराब के नशे में धुत होकर उनके घर के सामने सड़क पर हंगामा करने लगा, तो SI रमेश कुमार ने उन्हें शांत रहने की सलाह दी। प्रारंभिक जांच के अनुसार, रमेश कुमार ने उपद्रवी युवकों से रिहायशी इलाके में शोरगुल न करने का अनुरोध किया था। शुरुआत में तो वह समूह वहां से चला गया, लेकिन मात्र 20 मिनट बाद वह और अधिक लोगों के साथ लौट आया।
SI पर लाठियों और ईंटों से किया जानलेवा हमला
जब SI रमेश कुमार ने उन्हें फिर से हंगामा करते देखा तो वह उन्हें रोकने के लिए बाहर निकले। इस पर नशे में धुत युवकों ने उन पर लाठियों और ईंटों से हमला कर दिया। मौके पर मौजूद लोगो के अनुसार, हमलावरों ने रमेश कुमार के सिर पर कई बार प्रहार किए। पुलिस मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, सिर में गंभीर चोटें ही मौत का कारण बनीं। घटना की जानकारी मिलते ही अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक केके राव और एसपी शशांक कुमार सावन तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया।
भतीजे की बहादुरी भी नहीं बचा सकी अंकल की जान
हमले के दौरान जब रमेश कुमार का भतीजा अमित कुमार ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, तो हमलावरों ने उसे भी नहीं छोड़ा। अमित पर भी उन्होंने जमकर हमला किया। पड़ोसियों ने बताया कि जब अमित और रमेश कुमार की चीखें सुनकर लोग बाहर निकले, तो हमलावर अपनी कार और दो दोपहिया वाहन छोड़कर भागने में सफल हो गए। दोनों पीड़ितों को तुरंत हिसार के सामान्य अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने रमेश कुमार को मृत घोषित कर दिया जबकि अमित का इलाज जारी है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, पांच आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महेंद्र उर्फ गब्बर, सुभाष उर्फ साहिल, नरेंद्र, प्रवीण उर्फ लल्ला और जतिन नामक पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। दिलचस्प बात यह है कि भागते समय नरेंद्र और सुभाष के पैर टूट गए जबकि महेंद्र के हाथ में चोट आई। पुलिस ने एसआई के बेटे अमित की शिकायत के आधार पर 10 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। खोजी टीमें शेष आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं।
यह घटना न केवल एक पुलिस अधिकारी की निर्मम हत्या की कहानी है, बल्कि समाज में बढ़ रही बेलगाम हिंसा और कानून व्यवस्था की चुनौतियों को भी उजागर करती है। रमेश कुमार जो केवल कुछ महीनों के बाद अपनी सेवानिवृत्ति के बाद परिवार के साथ शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत करने की योजना बना रहे थे, आज हमारे बीच नहीं हैं। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियों और एक बेटा शोकाकुल है।
इस घटना से दिखाई देता है कि समाज में कानून का डर कम हो रहा है और लोग मनमानी करने से नहीं हिचकिचाते। अब यह देखना होगा कि क्या इस मामले में न्याय की प्रक्रिया त्वरित गति से चलती है और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं। यह घटना हम सभी के लिए एक सबक है कि कानून व्यवस्था को मजबूत करने और समाज में शांति बनाए रखने की दिशा में और अधिक गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है।



