Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना- देश के किसानों को सिंचाई संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी सरकार केंद्र सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (pmksy) किसानों को उन्नत सिंचाई तकनीकों से जोड़कर उनकी इनकम में वृद्धि करने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने का काम कर रही है। इस योजना के तहत किसानों को सिंचाई उपकरणों पर 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है।
मोदी सरकार द्वारा वर्ष 2015 में शुरू की गई इस योजना का प्रमुख लक्ष्य “हर खेत को पानी” सुनिश्चित करना है। भारतीय कृषि की सफलता काफी हद तक मानसून की अनिश्चितता पर निर्भर करती है। अपर्याप्त वर्षा सूखे की स्थिति पैदा करती है, तो अत्यधिक बारिश बाढ़ का कारण बन जाती है। इन चुनौतियों के मद्देनजर, इस योजना का उद्देश्य जल संसाधनों के कुशल प्रबंधन के माध्यम से खेती को जोखिम मुक्त बनाना है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना क्या है
जल शक्ति मंत्रालय और कृषि मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में संचालित इस योजना के अंतर्गत किसानों को ड्रिप इरीगेशन और स्प्रिंकलर सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। आंकड़े बताते हैं कि ड्रिप सिंचाई पद्धति से 40 से 60 प्रतिशत तक पानी की बचत होती है, जबकि स्प्रिंकलर के उपयोग से भी जल संरक्षण में काफी मदद मिलती है। इन तकनीकों से न केवल पानी का समुचित उपयोग होता है, बल्कि फसल की पैदावार में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से किसानों को लाभ
आर्थिक लाभ के मामले में यह योजना किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रही है। अनुमान है कि इससे किसान प्रतिवर्ष 20,000 से 50,000 रुपये तक की बचत कर सकते हैं। यह बचत जल संरक्षण और ऊर्जा की खपत में कमी से संभव हो पा रही है। विशेष रूप से गुजरात, राजस्थान जैसे शुष्क क्षेत्रों के किसानों को इस योजना से व्यापक लाभ मिल रहा है, जहां जल की कमी एक गंभीर समस्या रही है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में कितनी सब्सिडी
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की सब्सिडी के बारे में बात करें तो इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्राप्त हो सकती है, जो प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये तक सीमित है। सामान्य श्रेणी के किसानों को 80 प्रतिशत तक की सहायता राशि मिल रही है, जो प्रति हेक्टेयर लगभग 40,000 रुपये के बराबर है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इस सब्सिडी राशि का उपयोग किसानों को स्वीकृति मिलने के दो वर्षों के भीतर करना आवश्यक है, अन्यथा यह राशि वापस ले ली जाएगी।
इच्छुक किसान आधिकारिक पोर्टल www.pmksy.gov.in या myscheme.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया में आधार कार्ड और पंजीकृत मोबाइल नंबर अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन के दौरान सभी आवश्यक जानकारी दर्ज करने के बाद, किसानों को अपने खेत का क्षेत्रफल और आवश्यक उपकरणों का चयन करना होगा। कृषि विभाग द्वारा आवेदन सत्यापन के बाद, सब्सिडी की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के जरिए भेज दी जाती है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना न केवल किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम बन रही है, बल्कि देश में जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इससे किसानों को पारंपरिक सिंचाई पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है और कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों का प्रसार हो रहा है।



