latest haryana news– प्रदेश में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ लड़ाई में अब एक क्रांतिकारी बदलाव आज के तकनीकी दौर में आया है. एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एक AI आधारित व्हाट्सएप चैटबॉट ‘सतर्क’ लॉन्च किया है, जिसके जरिए कोई भी नागरिक किसी भी सरकारी विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार की शिकायत आसानी से दर्ज करा सकता है. यह सेवा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है और इसका उद्देश्य भ्रष्टाचार रिपोर्टिंग प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी व जन-सुलभ बनाना है.
कैसे काम करता है AI ‘सतर्क’ चैटबॉट?
इस नई व्यवस्था में नागरिकों को केवल व्हाट्सएप नंबर 9417891064 पर ‘हैलो’ लिख कर भेजना है. इसके तुरंत बाद चैटबॉट उन्हें शिकायत दर्ज कराने के विभिन्न विकल्पों की सूचना देगा. यूजर को हेल्पलाइन नंबर, ईमेल आईडी, शिकायत कैसे दर्ज करें, भ्रष्टाचार की परिभाषा और शिकायतकर्ता के अधिकारों सहित आधा दर्जन से अधिक विकल्प दिखाई देंगे. किसी भी विकल्प पर क्लिक करते ही संबंधित पूरी जानकारी तुरंत उपलब्ध हो जाती है. एसीबी ने एक क्यूआर कोड भी जारी किया है, जिसे स्कैन करके सीधे इस व्हाट्सएप चैटबॉट से जुड़ा जा सकता है.
रिश्वतखोरी की शिकायत के विभिन्न माध्यम और संपर्क सूचना
‘सतर्क’ चैटबॉट के माध्यम से नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने के लिए निम्नलिखित विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं:
टोल फ्री नंबर: 18001802022
व्हाट्सएप नंबर: 9417891064
ईमेल आईडी: acb@hry.nic.in
लिखित शिकायत का पता: अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निदेशक ब्यूरो, प्लाट नंबर एक, सेक्टर-23, पंचकूला, हरियाणा
एडीजीपी, एंटी करप्शन ब्यूरो आलोक मित्तल ने बताया कि इस सेवा का मुख्य उद्देश्य सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसना और पारदर्शिता लाना है. यह यूजर फ्रेंडली प्लेटफॉर्म शिकायतकर्ताओं को भ्रष्टाचार की परिभाषा से लेकर शिकायत दर्ज करने के तरीकों तक की पूरी जानकारी तुरंत उपलब्ध कराता है.
प्रदेश में भ्रष्टाचार के प्रमुख मामले
ACB के आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी से सितंबर तक जिले में हर महीने औसतन दो भ्रष्टाचारी पकड़े गए हैं. ब्यूरो ने रिश्वतखोरी के 12 मुकदमे दर्ज किए हैं, जिनमें 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. कुछ प्रमुख मामले इस प्रकार हैं:
यूनिवर्सिटी मामला: मार्च में राई एजुकेशन सिटी की वर्ल्ड यूनिवर्सिटी ऑफ डिजाइन में अफीम के 400 पौधे मिलने के बाद, सीआईए इंस्पेक्टर तेजराम पर यूनिवर्सिटी मालिक से 15 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा. इंस्पेक्टर को निलंबित कर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.
डीसी के पीए का मामला: डीसी के पर्सनल असिस्टेंट शशांक को एक कर्मचारी को रजिस्ट्री क्लर्क लगवाने के बदले साढ़े तीन लाख रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया. जांच में पता चला कि वह सरकारी कर्मचारियों से नियमित रूप से रिश्वत लेता था और पांच साल में उसके खाते में 75 लाख रुपये जमा हुए थे.
दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर मामला: दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर सुनील कुमार पर दो प्रॉपर्टी डीलरों के मामले को कमजोर करने के लिए एक करोड़ रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा. 30 लाख रुपये की पहली किस्त के साथ एक स्कूल क्लर्क को गिरफ्तार किया गया, बाद में इंस्पेक्टर को भी दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया.
जमीन धोखाधड़ी मामला: बहालगढ़ रोड पर 120 करोड़ रुपये की 12 एकड़ जमीन हथियाने के फर्जी दस्तावेजों के मामले में एसीबी ने अब तक 10 नकली ‘मदनमोहन’ को गिरफ्तार किया है. इस धोखाधड़ी मामले में 11 आरोपी पकड़े जा चुके हैं, जिनमें राजस्थान की एक महिला भी शामिल है.
‘सतर्क’ AI चैटबॉट का लॉन्च हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है. AI की इस तकनीकी पहल से नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने में अब अधिक सुरक्षा और सुविधा महसूस होगी. एसीबी द्वारा पकड़े गए इन प्रमुख मामलों से साफ जाहिर है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है. इस नई व्यवस्था से आम जनता और सरकारी तंत्र के बीच विश्वास बढ़ने की उम्मीद है, साथ ही AI भ्रष्टाचार रोकथाम में एक प्रभावी उपकरण साबित होगा.



