Haryana Crime News, अंबाला: हरियाणा पुलिस के अंबाला अंचल ने एक अद्वितीय और चौंकाने वाले मामले में सफलता हासिल की है, जहां एक पूर्व सैनिक द्वारा सेना अधिकारियों के आवासों को लक्षित कर की गई चोरियों का भंडाफोड़ किया गया है। गिरफ्तार किया गया आरोपी राजेश, जो स्वयं कभी सेना का हवलदार हुआ करता था, को अनुशासनहीनता के कारण सेवा से बर्खास्त किए जाने के बाद अधिकारियों के प्रति गहरा रोष पैदा हो गया था।
इसी आक्रोश ने उसे बदले की भावना से अंबाला कैंट और आस-पास के इलाकों में तैनात सेना अधिकारियों के घरों में सेंध लगाने के लिए प्रेरित किया। पुलिस ने उससे 5 लाख 31 हजार रुपये की नकदी बरामद की है और अब तक की गई 4 चोरियों को सुलझाया है, जबकि आरोपी ने कुल 20 मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
सेना के एक पूर्व सैनिक का पतन: बर्खास्तगी से जन्मी बदले की आग
राजेश, जो मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले का निवासी है, कुछ वर्ष पूर्व सेना में हवलदार के पद पर तैनात था। सेना के कठोर अनुशासन के मानदंडों पर खरा न उतर पाने के कारण उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। इस घटना ने उसके मन में गहरी नाराजगी और हीन भावना पैदा कर दी।
उसने स्वीकार किया कि उसे लगता था कि उसके साथ अन्याय हुआ है और उसके अधिकारी ही उसकी बर्खास्तगी के लिए जिम्मेदार हैं। यही वह मोड़ था जब एक समर्पित सिपाही का दिल बदले की भावना से भर गया और उसने अवैध रास्ते पर चलने का निर्णय लिया। उसने सेना अधिकारियों के घरों को ही अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया, ताकि वह उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से नुकसान पहुंचा सके।
सुनियोजित ढंग से अंजाम दी गईं चोरियां
अंबाला कैंट के तोपखाना इलाके में पिछले कुछ समय से सेना अधिकारियों के आवासों में लगातार चोरियों की घटनाएं सामने आ रही थीं। इन घटनाओं में समानता देखते हुए पुलिस ने संदेह जताया कि यह किसी एक व्यक्ति या गिरोह का काम हो सकता है।
जांच में पता चला कि चोर न केवल आवासों की लोकेशन से भली-भांति परिचित था, बल्कि उसे अधिकारियों के दैनिक कार्यक्रम और आवागमन की भी जानकारी थी। राजेश ने अपने सैन्य अनुभव का उपयोग करते हुए इन चोरियों को अंजाम दिया, जिसमें उसने सुरक्षा को धता बताते हुए सेंध लगाई। पुलिस द्वारा बरामद की गई 5 लाख 31 हजार रुपये की राशि के अलावा, अन्य कीमती सामान भी चोरी किए गए थे, जिनके बारे में अभी और जांच की जा रही है।
पुलिस की विशेष टीम की सतर्कता और गिरफ्तारी
इन घटनाओं के बाद अंबाला पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की, जिसने CCTV फुटेज, आस-पास के निवासियों के बयान और तकनीक आधार का विश्लेषण किया। इसी कड़ी में, आरोपी राजेश का पता उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में चला, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसने न केवल अंबाला की 4 चोरियों को कबूला, बल्कि जबलपुर, पोंटा साहिब और मेरठ में की गई अन्य 16 वारदातों में भी अपनी भूमिका स्वीकार की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राजेश का चयनात्मक तरीका इस मामले को असाधारण बनाता है, क्योंकि उसने केवल सेना अधिकारियों के घरों को ही निशाना बनाया। उसकी गिरफ्तारी ने न केवल अंबाला, बल्कि अन्य शहरों में भी ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद की है।
यह मामला न सिर्फ अपराध और सजा की एक साधारण कहानी है, बल्कि यह समाज के लिए एक गहरा सबक भी लेकर आता है। एक व्यक्ति का जीवन किस प्रकार निराशा और आक्रोश की भावना में बदलाव ला सकता है, इसकी यह एक जीती-जागती मिसाल है। सेना जैसा महान संस्थान भी अपने सदस्यों के मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास पर ध्यान देने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।



