सोनीपत, 28 नवंबर 2025 – उत्तर भारत में गैंगवार की बड़ी साजिश को सोनीपत की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नाकाम कर दिया है। ‘ऑपरेशन ट्रैक-डाउन’ के तहत STF टीम ने रोहित गोदारा गिरोह के सात कुख्यात शार्प-शूटरों को गिरफ्तार कर उनके पास से 7 अत्याधुनिक पिस्टल और करीब 200 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। आरोपियों को आज स्थानीय अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि उनसे विदेशी मॉड्यूल और हथियारों की सप्लाई चेन की पूरी जानकारी निकाली जा सके। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह व्यापारियों व प्रतिद्वंद्वी गैंग सदस्यों को खत्म करने की योजना बना रहा था।
विदेश से संचालित हो रहा था प्लान
STF के अनुसार, रोहित गोदारा खुद दुबई में बैठकर व्हाट्सऐप व सिग्नल एप के जरिए ऑपरेशन दे रहा था। उसने हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और चंडीगढ़ के कारोबारियों से वसूली और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्यों को निशाना बनाने का ब्लूप्रिंट तैयार किया था। सोनीपत STF के इंस्पेक्टर योगेंद्र दहिया को मुखबिर से मिली टिप पर 26 नवंबर की रात को नेशनल हाईवे-44 स्थित एक ढाबे पर संदिग्ध गतिविधि दिखी। “हमने 7 लोगों को चार बाइक और एक स्विफ्ट डिजायर से उतरते देखा। बैग चेक किया तो पिस्टल और कारतूस मिले,” दहिया ने बताया।
STF को बरामद कई हथियार: विदेशी मॉडल भी शामिल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी वसीम अकरम ने बताया कि जब्त असलहे में 1 जिगना (रूसी मेक), 1 PX-3 (चेक रिपब्लिक), 2 इंडियन 9 mm और 1 स्टार मेक पिस्टल शामिल हैं। “इन हथियारों की बैलिस्टिक जाँच से पता चलेगा कि ये किस-किस राज्यों की फायरिंग में इस्तेमाल हुए हैं। हम आरोपियों के फोन की क्लोनिंग कर रहे हैं ताकि व्हाट्सऐप चैट और वॉयस नोट्स रिकवर हो सकें,” अकरम ने कहा। आठ मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनमें से दो पर वीपीएन लगा था।
अरेस्टेड शूटर: सभी पर हत्या और वसूली के केस
गिरफ्तार किए गए रोहित (22) निवासी कटवाल, सोनीपत, मोहम्मद शाजिद (24) पलवल, मानव कुमार (23) नूह, विकासपाल (25) बहादुरगढ़, हैप्पी (26) रोहतक, जब्बरजंग (24) चरखी दादरी और विजय कुमार (27) झज्जर पर कुल 18 मुकदमे दर्ज हैं—इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, वसूली और आर्म्स एक्ट शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि ये सभी गोदारा के लिए “कॉन्ट्रैक्ट किलिंग” और रंगदारी वसूलने का काम करते थे। हाल ही में गुरुग्राम के एक रियल एस्टेट डीलर को धमकी देकर ₹50 लाख की मांग का मामला भी इन्हीं के खाते में जोड़ा जा रहा है।
इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस तक की तैयारी
एसपी अकरम ने बताया कि विदेश में बैठे गिरोह सरगनाओं को चिन्हित करने के लिए डिपोर्टेशन प्रोसेस और इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की फाइल तैयार है। “हमने मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स को लेटर लिखा है ताकि यूएई और दुबई प्रशासन से संपर्क किया जा सके। गोदारा के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ़ ऑर्गनाइज़्ड क्राइम एक्ट (POCA) के तहत कार्रवाई की जा रही है,” उन्होंने कहा। STF सूत्रों के मुताबिक गिरोह के वित्तीय नेटवर्क को समझने के लिए ED और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को भी लूप में लिया गया है।
गैंगवार की आशंका: STF के बाद पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई
लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गिरोह के बीच पिछले एक साल में कई बार फायरिंग और रॉकेट लॉन्चर जैसे हमले हो चुके हैं। हरियाणा पुलिस ने सभी जिलों में ‘गैंगवार प्रोटोकॉल’ जारी कर दिया है—जिसमें जेलों में अलग से सेल, कोर्ट कॉम्प्लेक्स में मेटल डिटेक्टर और व्यापारियों को धमकी मिलने पर तत्काल FIR शामिल है। पुलिस कमिश्नरेट गुरुग्राम ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे रात 11 बजे के बाद संदिग्ध बाइक गिरोह पर नजर रखें और चेकिंग के दौरान बिना नंबर की बाइक जब्त करें।
आज कोर्ट में सातों आरोपियों को पेश कर 10 दिन की पुलिस रिमांड मांगी जाएगी। रिमांड के दौरान STF उनसे हथियारों की सप्लाई चेन, व्हाट्सऐप ग्रुप के एडमिन और वित्तीय लेन-देन की डिटेल निकालेगी। एसपी अकरम का कहना है, “हमारा टारगेट है कि गोदारा गिरोह के फाइनेंसर और हथियार सप्लायर तक पहुँचें। अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक रहा तो दो-तीन महीने में बड़ा ऑपरेशन दुबई में भी हो सकता है।” फिलहाल, सोनीपत की स्पेशल टास्क फोर्स ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वर्दीधारी कानून की पहुँच अब सिर्फ सड़क तक सीमित नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जाती है।



