Haryana Halchal- चंडीगढ़ के सेक्टर-26 टिंबर मार्केट में सोमवार देर शाम देश के कुख्यात गैंगस्टर और लॉरेंस बिश्नोई के करीबी इंदरप्रीत सिंह उर्फ पैरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। और अब तक बताया जा रहा है कि पैरी को उसके ही करीबी लोगों ने निशाना बनाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कई एंगल से सुराग तलाशे जा रहे हैं।
चंडीगढ़ की सड़कों पर ऐसे हुई वारदात
जानकारी के अनुसार, पैरी अपनी कार से जा रहा था कि अचानक दूसरी कार ने उसकी गाड़ी को घेर लिया। इसके बाद बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। पैरी के छाती, कंधे और पीठ पर करीब पांच गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद फरार भी हो गए।
पुलिस ने घटनास्थल से पैरी का मोबाइल फोन बरामद किया है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या से पहले उसने आखिरी बार किससे बातचीत की थी। पुलिस को शक है कि इस हमले के पीछे गोल्डी बराड़ के गुर्गों का हाथ भी हो सकता है।
मरने वाले गैंगस्टर पैरी की अपराधिक कुंडली
इंदरप्रीत सिंह उर्फ पैरी पर पंजाब और चंडीगढ़ में कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज थे। इनमें रंगदारी, हथियारों की सप्लाई, हत्या की धमकी, हत्या और हत्या की साजिश जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
जनवरी 2023 में पंजाब के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने उसे मंडी के सुंदरनगर से गिरफ्तार किया था। उस समय पैरी पर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश रचने वाले गिरोह से जुड़े होने का आरोप भी था। इसके अलावा, वह डेराप्रेमी प्रदीप कुमार की हत्या में भी शामिल पाया गया था।
पैरी का नाम उस घटना में भी सामने आया था जब लॉरेंस बिश्नोई को नेपाल से गिरफ्तार कर पेशी के लिए लाया गया था। उस दौरान पैरी ने उसे पुलिस हिरासत से फरार कराने की कोशिश भी की थी।
हरियाणा पंजाब की ट्राईसिटी में कई वारदात में शामिल था गैंगस्टर पैरी
लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के करीबी इंदरप्रीत सिंह उर्फ पैरी ट्राईसिटी—चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली—में गैंग की गतिविधियों को संभालता था। वह यहां के कई नामी क्लब, डिस्कोथेक और बार से रंगदारी वसूलकर गिरोह तक पहुंचाता था।
मार्च 2022 में चंडीगढ़ पुलिस ने उसे रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार किया था। उस समय शहर के आढ़तियों, ट्रांसपोर्टरों और क्लब संचालकों से वसूली की शिकायतें सामने आई थीं। इसी दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से दो पिस्तौल बरामद किए थे और उसे आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था। पैरी करीब दो महीने बुड़ैल जेल में रहा, जिसके बाद उसे जमानत मिल गई थी।
गैंगस्टर इंदरप्रीत सिंह उर्फ पैरी हत्या मामले में पुलिस की जांच
हत्या के बाद पुलिस ने इलाके में नाकेबंदी कर दी है और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पैरी की हत्या गैंगवार का हिस्सा हो सकती है। पुलिस मोबाइल डेटा और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पैरी की हत्या से लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गिरोह के बीच चल रही खींचतान और खुलकर सामने आ सकती है।
सेक्टर-26 में हुई इस वारदात ने एक बार फिर ट्राईसिटी में गैंगस्टर गतिविधियों की गंभीरता को उजागर कर दिया है। पैरी की हत्या से न केवल अपराध जगत में हलचल मची है बल्कि आम नागरिकों में भी भय का माहौल है। पुलिस की जांच से आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि इस हत्या के पीछे कौन-सा गिरोह जिम्मेदार है और क्या यह उत्तर भारत में गैंगवार की नई शुरुआत का संकेत है।



