Haryana Crime News- गुरुग्राम सेक्टर 45 स्थित आरडी सिटी की रहने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शिवांगी पेशवानी ने एक पुलिस कांस्टेबल पर उनका पीछा करने और फिर फेक इंस्टाग्राम ID बनाकर अनचाहे तरीके से संपर्क करने व उत्पीड़न करने का गंभीर आरोप लगाया है। आरोपी कांस्टेबल को हरियाणा पुलिस विभाग ने सेवा से निलंबित कर दिया गया है और पुलिस जांच जारी है।
क्या है पूरा मामला?
शिवांगी पेशवानी के अनुसार, 21 सितंबर की रात करीब साढ़े बारह बजे जब वह अपनी गाड़ी से घर लौट रही थीं, तो एक पीसीआर वैन ने उनकी कार का कुछ दूरी तक पीछा किया। घर पहुंचने के मात्र 15 मिनट बाद ही उन्हें अपनी एक इंस्टाग्राम रील पर ‘सिमरन चोपड़ा’ नाम की एक फेक प्रोफाइल से एक चौंकाने वाला कमेंट मिला, जिसमें लिखा था, “मैम, आप वही हो ना जो 15 मिनट पहले आरडी कॉलोनी में आई थीं?”
शिवांगी ने जब पूछा कि आप कौन हैं, तो जवाब मिला, “पुलिस की नजर बहुत तेज होती है।” इसके बाद इंस्टाग्राम के प्राइवेट मैसेज में उस व्यक्ति ने लिखा, “आपकी उम्र ज्यादा नहीं लगती,” और दोस्ती करने का प्रस्ताव रखा। शिवांगी का आरोप है कि पीसीआर वैन के कांस्टेबल ने उनकी गाड़ी का नंबर नोट करके उनका पता लगाया और फिर सोशल मीडिया पर उन्हें ढूंढ़कर परेशान करना शुरू किया। 23 सितंबर को उन्होंने साइबर थाने में इसकी शिकायत लिखित दर्ज कराई।
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शिकायत के बाद SHO का रवैया
शिवांगी ने बताया कि शिकायत के बाद थाना प्रभारी (SHO) ने उन्हें और आरोपी कांस्टेबल को थाने बुलाकर पूछताछ की। उनके मुताबिक, SHO ने घटना को हल्के में लेते हुए कहा कि कांस्टेबल का इरादा सिर्फ दोस्ती करने का था और अगर दोस्ती नहीं करनी है तो उसे ब्लॉक कर दें। हालांकि, शिवांगी ने मामले को गंभीरता से लेने पर जोर दिया। आखिरकार, 24 सितंबर को आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर उठाई आवाज
निराश शिवांगी ने 24 सितंबर को ही इंस्टाग्राम पर एक 3 मिनट का वीडियो पोस्ट कर अपना पक्ष रखा और इस पूरे मामले को सार्वजनिक किया। उन्होंने वीडियो में एक अहम सवाल उठाया, “सरकार जिन पीसीआर वैनों को महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैनात करती है, क्या वे अब उनका पीछा करने लगी हैं?” उन्होंने कहा कि उन्होंने थाने में सभी स्क्रीनशॉट जैसे सबूत दिए, लेकिन फिर भी आरोपी को बचाने की कोशिश की गई।
’50 साल की उम्र में भी खुद को बचाना पड़ रहा’
शिवांगी ने कहा, “मैं 50 की होने वाली हूं, फिर भी खुद को बचाने की जरूरत महसूस हो रही है। अगर मुझे ये सब झेलना पड़ रहा है, तो युवा लड़कियों का क्या हाल होगा?” उन्होंने साफ कहा कि वह इस मामले को अंजाम तक पहुंचाएंगी और आरोपी को सजा दिलाकर ही दम लेंगी।
पुलिस प्रवक्ता ने दिया बयान, आरोपी निलंबित
गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप कुमार ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि 23 सितंबर को शिकायत मिलते ही तत्काल FIR दर्ज कर दी गई और आरोपी कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया था। उन्होंने कहा, “कोई भी आरोपी बख्शा नहीं जाएगा, फिर चाहे वह पुलिस का ही कर्मचारी क्यों न हो।” उन्होंने यह भी कहा कि वायरल हो रहे वीडियो के बावजूद, पुलिस ने शिकायत मिलने के दिन ही कार्रवाई शुरू कर दी थी और जांच जारी है।
यह घटना महिला सुरक्षा और सुरक्षा बलों में मौजूद कुछ अंसों द्वारा अधिकार के दुरुपयोग की गंभीर चुनौती को उजागर करती है। शिवांगी पेशवानी द्वारा आवाज उठाना दर्शाता है कि ऐसे मामलों में सार्वजनिक दबाव और मीडिया का ध्यान न्याय दिलाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। पुलिस की तरफ से त्वरित कार्रवाई एक सकारात्मक कदम है, लेकिन आम जनता, खासकर महिलाओं में यह भरोसा बहाल करने के लिए पारदर्शी और निष्पक्ष जांच जरूरी है।




