Haryana Halchal फगवाड़ा/कपूरथला। पंजाब पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर ठगी रैकेट का पर्दाफाश किया है। कपूरथला साइबर सेल और फगवाड़ा थाने की संयुक्त टीम द्वारा गुरुवार देर रात यह कार्रवाई पलाही रोड स्थित ‘द ताज विला रिसोर्ट एंड होटल’ में की गई, जहां एक पार्टी हॉल में अवैध कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। पर छापा मारकर 38 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार इन लोगो में कई महिलाएं भी शामिल हैं।
कई राज्यों से ताल्लुक रखते हैं आरोपी
पंजाब पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों का ताल्लुक पंजाब, दिल्ली, नागालैंड, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, ओडिशा, झारखंड और महाराष्ट्र जैसे कई राज्यों से है। सभी आरोपियों को एक बस से कपूरथला ले जाया गया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। पंजाब पुलिस के अनुसार, इस साइबर ठगी नेटवर्क का मास्टरमाइंड अमरिंदर सिंह उर्फ साबी टोहरी को बताया जा रहा है, जिस पर पहले से ही लगभग 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह धंधा पिछले कई महीनों से चल रहा था।
पंजाब में सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन के नाम पर चल रही थी ठगी
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह गिरोह अमेरिका और कनाडा जैसे देशों के नागरिकों को सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन देने के नाम पर ठगता था। आरोपियों पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस हैक करके मासूम लोगों से भारी रकम ऐंठने का आरोप है। गिरोह के सरगना ने रिसॉर्ट को लीज पर लेकर एक अवैध कॉल सेंटर चला रखा था, जहां कई लोगों को कॉलिंग और तकनीकी सपोर्ट का काम दिया गया था।
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह बैंक या टेक कंपनी के कर्मचारियों का रोल प्ले करता था और स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स के माध्यम से लोगों की बैंक डिटेल्स और पासवर्ड्स चुराकर ऑनलाइन ठगी करता था। यह गिरोह रात 9 बजे से सुबह 3 बजे तक काम करता था और मुख्य रूप से अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को निशाना बनाता था।
पंजाब पुलिस ने बरामद किए लैपटॉप, मोबाइल और नकदी
छापे के दौरान पुलिस ने 40 लैपटॉप, 67 मोबाइल फोन और लगभग 10 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी से जुड़ी धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
पंजाब पुलिस का दावा लंबे समय से चल रही थी निगरानी
कपूरथला साइबर क्राइम की इंस्पेक्टर अमनदीप कौर को गुरुवार देर रात इस हैली के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद फगवाड़ा के डीएसपी भारत भूषण को सूचना देकर संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई गई। पुलिस टीम ने सरकारी और निजी वाहनों में होटल पहुंचकर अचानक छापा मारा। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पुलिस अब आरोपियों के नेटवर्क, उनके विदेशी संपर्कों, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है ताकि ठगी के पूरे तंत्र और धन प्रवाह का पता लगाया जा सके।
डीएसपी दलजीत सिंह ने बताया कि यह साइबर धोखाधड़ी का एक बहुत बड़ा मामला है और पुलिस इसकी गहन जांच में जुटी हुई है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश करके पुलिस रिमांड मांगा जाएगा। यह मामला साइबर अपराधियों की बढ़ती हिम्मत और पुलिस की सतर्क नजर दोनों को उजागर करता है। पुलिस का यह सफल अभियान अन्य ऐसे गिरोहों के लिए एक चेतावनी भी है।इस कार्रवाई से साइबर अपराध में लिप्त गिरोहों में हड़कंप मच गया है। पुलिस का दावा है कि सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



