Ghaziabad Triple Suicide News LIVE: टीला मोड थाना क्षेत्र की भारत सिटी सोसाइटी में बुधवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। यहां रहने वाली तीन नाबालिग बहनों ने अपने फ्लैट की नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरी सोसाइटी को सदमे में डाल दिया है और परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
चश्मदीद ने बताया Ghaziabad Triple Suicide का पूरा मंजर
Ghaziabad Triple Suicide घटना रात करीब दो बजे तब हुई जब सोसाइटी में सन्नाटा पसरा हुआ था। सामने के फ्लैट में रहने वाले अरुण कुमार ने बताया कि वह बालकनी में टहल रहे थे तभी उनकी नजर सामने वाले फ्लैट की बालकनी पर गई।
“पहले तो साफ दिखाई नहीं दे रहा था,” अरुण ने बताया, “लेकिन कुछ ही पलों में मैंने देखा कि तीन छोटी-छोटी बच्चियां बालकनी की रेलिंग पर चढ़ रही हैं।”
क्या हुआ था उस रात?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, Ghaziabad Triple Suicide घटना कुछ इस तरह से घटी:
1. शुरुआती कोशिश: तीनों बहनें पहले रेलिंग पर चढ़ीं, लेकिन फिर एक बच्ची नीचे उतर गई मानो उसका मन बदल गया हो।
2. फिर से कोशिश: कुछ ही सेकंड बाद वही बच्ची फिर रेलिंग पर चढ़ गई और अपनी छोटी बहन को पीठ पर बैठा लिया।
3. घटनास्थल: तीनों बहनें एक साथ रेलिंग पर चढ़ गईं और फिर अचानक नीचे कूद गईं।
सोसाइटी की एक अन्य रहने वाली अपर्णा ने बताया, “मैंने जोर से चिल्लाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे कुछ सुन नहीं पाईं। सब कुछ इतनी जल्दी हुआ कि कुछ कर पाना मुमकिन नहीं था।”
Ghaziabad Triple Suicide में पुलिस को मिला सुसाइड नोट
मौके पर पहुंची पुलिस ने फ्लैट से एक सुसाइड नोट बरामद किया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि तीनों बहनें मोबाइल गेम की लत का शिकार थीं और हर काम एक साथ करती थीं।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।
परिवार और सोसाइटी पर गहरा सदमा घटना के बाद बच्चियों के पिता की हालत बेहद खराब है। मौके पर पहुंचे लोगों ने बताया कि वह कुछ बोल पाने की स्थिति में नहीं थे और उनके हाथ लगातार कांप रहे थे। Ghaziabad Triple Suicide सोसाइटी के निवासी भी डरे और सदमें में हैं। कई लोगों ने इस घटना को मोबाइल गेम की लत से जोड़ते हुए चिंता जताई है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
बाल मनोवैज्ञानिक डॉ. राजीव शर्मा ने बताया, “आजकल बच्चे मोबाइल गेम्स में इतने डूब जाते हैं कि वास्तविक दुनिया और आभासी दुनिया का फर्क भूल जाते हैं। माता-पिता को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए।”
महत्वपूर्ण सलाह
अगर आप या आपका कोई परिचित डिप्रेशन में है या आत्महत्या के विचार मन में आ रहे हैं, तो यह एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है। कृपया तुरंत इन हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें:
– जीवनसाइड हेल्पलाइन: 1800-233-3330
– वंदना हेल्पलाइन: 1800-233-2222
– किरण हेल्पलाइन: 1800-599-0019
यह घटना हम सभी के लिए एक चेतावनी है कि बच्चों की मानसिक सेहत पर ध्यान देना कितना जरूरी है। आइए, हम सभी मिलकर ऐसा माहौल बनाएं जहां बच्चे अपनी हर परेशानी खुलकर बता सकें। (यह खबर विकासशील स्थिति पर आधारित है। नई जानकारी मिलने पर इसे अपडेट किया जाएगा।)



