Indian stock market Market Holiday List 2026: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने वर्ष 2026 के लिए ट्रेडिंग हॉलीडे कैलेंडर जारी कर दिया है। इसके अनुसार, नए साल में कुल 15 दिन शेयर बाजार बंद रहेगा। इन छुट्टियों में राष्ट्रीय पर्वों के साथ प्रमुख धार्मिक त्योहार भी शामिल हैं। खास बात यह है कि इस बार निवेशकों और ट्रेडर्स को 5 लॉन्ग वीकेंड भी मिलेंगे, जिससे उन्हें परिवार और निजी जीवन के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
NSE द्वारा 2026 में शेयर बाजार की छुट्टियों की पूरी सूची
- 26 जनवरी (सोमवार) – गणतंत्र दिवस
- 3 मार्च (मंगलवार) – होली
- 26 मार्च (गुरुवार) – श्री राम नवमी
- 31 मार्च (मंगलवार) – महावीर जयंती
- 3 अप्रैल (शुक्रवार) – गुड फ्राइडे
- 14 अप्रैल (मंगलवार) – डॉ. बी.आर. आंबेडकर जयंती
- 1 मई (शुक्रवार) – मजदूर दिवस एवं महाराष्ट्र दिवस
- 28 मई (गुरुवार) – बकरी ईद
- 26 जून (शुक्रवार) – मुहर्रम
- 14 सितंबर (सोमवार) – गणेश चतुर्थी
- 2 अक्टूबर (शुक्रवार) – गांधी जयंती
- 20 अक्टूबर (मंगलवार) – दशहरा
- 10 नवंबर (मंगलवार) – दीपावली
- 24 नवंबर (मंगलवार) – प्रकाश पर्व
- 25 दिसंबर (शुक्रवार) – क्रिसमस
इन छुट्टियों के अलावा शनिवार और रविवार को साप्ताहिक क्लोजिंग के चलते भी बाजार में ट्रेडिंग नहीं होगी।
NSE का बजट डे पर विशेष ट्रेडिंग सेशन
1 फरवरी 2026 को देश का वार्षिक बजट पेश किया जाएगा। यह दिन रविवार को पड़ रहा है, लेकिन परंपरा के अनुसार बजट डे पर विशेष ट्रेडिंग सेशन आयोजित किया जा सकता है। पहले भी कई बार वीकेंड पर बजट पेश होने पर बाजार खोला गया है ताकि नीतिगत घोषणाओं पर निवेशकों की प्रतिक्रिया तुरंत दर्ज की जा सके।
सेंसेक्स और भारतीय शेयर बाजार का इतिहास
भारत में शेयर बाजार का इतिहास काफी पुराना है। सेंसेक्स की शुरुआत 1986 में हुई थी, जिसका बेस ईयर 1978-79 रखा गया और बेस वैल्यू 100 पॉइंट तय की गई। जुलाई 1990 में सेंसेक्स 1,000 अंक तक पहुंच गया। 1991 के आर्थिक उदारीकरण के बाद विदेशी निवेश (FDI) के दरवाजे खुले और व्यापारिक कानूनों में बदलाव हुआ, जिससे सेंसेक्स में तेजी आई।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE)
BSE की स्थापना 9 जुलाई 1875 को हुई थी। यह एशिया का पहला और सबसे तेज स्टॉक एक्सचेंज है। शुरुआत में 318 निवेशकों ने एक बरगद के पेड़ के नीचे 1 रुपये की एंट्री फीस देकर ट्रेडिंग शुरू की थी। बाद में उन्होंने ‘द नेटिव शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स एसोसिएशन’ बनाया और दलाल स्ट्रीट पर ऑफिस खरीदा। आज BSE भारतीय वित्तीय बाजार का अहम हिस्सा है। 25 जनवरी 2001 को BSE ने डॉलेक्स-30 लॉन्च किया, जिसे डॉलर लिंक्ड वर्जन कहा जाता है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE)
NSE की स्थापना 1992 में हुई और 1994 से इसका संचालन शुरू हुआ। दिसंबर 2023 तक मार्केट कैप के आधार पर NSE दुनिया का छठा सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज था। जनवरी 2024 में NSE और BSE का संयुक्त मार्केट कैप 4.33 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जिससे भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया।
निवेशकों के लिए महत्व
शेयर बाजार की छुट्टियां निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि इन दिनों में कोई लेन-देन नहीं होता। लॉन्ग वीकेंड्स से उन्हें परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। वहीं, बजट डे पर विशेष ट्रेडिंग सेशन निवेशकों को नीतिगत बदलावों पर तुरंत प्रतिक्रिया देने का मौका देगा।
NSE द्वारा जारी 2026 का हॉलीडे कैलेंडर निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रदान करता है। 15 दिन की छुट्टियों और 5 लॉन्ग वीकेंड्स के साथ यह वर्ष निवेशकों के लिए खास रहेगा। वहीं, बजट डे पर विशेष ट्रेडिंग सेशन बाजार की सक्रियता को और बढ़ाएगा। भारतीय शेयर बाजार का लंबा इतिहास और लगातार बढ़ती वैश्विक स्थिति यह दर्शाती है कि आने वाले वर्षों में भारत वित्तीय जगत में और मजबूत भूमिका निभाएगा।



