Stock Market Holiday:मुंबई। आज 2 अक्टूबर, 2025 के दिन देशभर में महात्मा गांधी की जयंती और विजयादशमी (दशहरा) का पर्व एक साथ मनाया जा रहा है। और इस विशेष अवसर पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित होने के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) सहित सभी प्रमुख भारतीय शेयर बाजारों में आज कारोबार बंद रहेगा। एक्सचेंजों की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, इक्विटी, डेरिवेटिव, मुद्रा और वस्तु खंडों में सभी प्रकार की व्यापारिक गतिविधियाँ आज के लिए बंद रहेंगी।
इस साल की एक विशेष बात यह रही कि गांधी जयंती और दशहरा दोनों ही जरूरी राष्ट्रीय पर्व एक ही तिथि पर पड़ रहे हैं, जिसके चलते BSE और NSE दोनों एक साथ बंद हैं। सामान्यतया, इन दोनों अवसरों पर देश में अलग-अलग दिनों में व्यापारिक अवकाश की व्यवस्था बनी रहती है।
बीते कारोबारी दिन दिखी थी Stock Market में मजबूती
इस बंदी से पहले 1 अक्टूबर, 2025 के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजारों में सकारात्मक गति देखी गई थी। सेंसेक्स और निफ्टी 50 ने लगातार आठ कारोबारी दिनों तक जारी गिरावट के बाद मजबूती का रुख अपनाया था, जिसने निवेशकों के बीच नई उम्मीदें भी जगाई थीं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा नीतिगत दरों में कोई परिवर्तन न करने और विकास दर के अनुमान को 6.8 प्रतिशत तक संशोधित करने के निर्णय ने Stock Market को पोजिटिव रूप से प्रभावित किया था।
Stock Market पर RBI की मौद्रिक नीति ने दिखाया असर
Stock Market में दिखी इस तेजी के पीछे मुख्य कारण भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी ताजा मौद्रिक नीति को माना जा रहा है। केंद्रीय बैंक ने अपनी नवीनतम नीतिगत समीक्षा बैठक में रेपो दर को अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में संपन्न हुई मौद्रिक नीति समिति (MPC) की इस बैठक में सभी छह सदस्यों ने सर्वसम्मति से इस निर्णय का समर्थन भी किया।
बाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप, मौद्रिक नीति समिति ने रेपो दर 5.5 प्रतिशत पर बनाए रखी और अपनी नीतिगत रुख को ‘तटस्थ’ (Neutral) बनाए रखा। इस स्थिरता और स्पष्टता ने निवेशकों के विश्वास को मजबूती प्रदान की, जिसका सीधा प्रभाव बाजार के प्रदर्शन में देखने को मिला।
Stock Market निवेशको को अगले कारोबारी दिन की प्रतीक्षा
अब निवेशकों और व्यापारियों का ध्यान अगले कारोबारी दिन 3 अक्टूबर, 2025, शुक्रवार को फिर से खुलने वाले बाजारों पर ध्यान है। इस अवकाश के बाद, बाजार की दिशा घरेलू और वैश्विक आर्थिक संकेतकों, कॉर्पोरेट परिणामों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में होने वाले उतार-चढ़ाव से प्रभावित भी होगी। विश्लेषकों का मानना है कि RBI की स्थिर मौद्रिक नीति और सकारात्मक विकास अनुमानों के आधार पर बाजार में एक नई गति देखने को मिल सकती है।



