Gold price prediction: आजकल सोने की चमक एक बार फिर दुनिया भर के निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। वैश्विक निवेश सलाहकार फर्म जेफरीज के वरिष्ठ रणनीतिकार क्रिस वुड ने सोने को लेकर एक बहुत बड़ा दावा किया है जिसने पूरे वैश्विक बाजार में हलचल मचा दी है। उनका कहना है कि आने वाले वर्षों में सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतें 6,600 डॉलर प्रति औंस के पार तक जा सकती हैं। अगर ऐसा हुआ तो भारत में भी सोने की कीमतें ₹2 लाख प्रति 10 ग्राम के पार तक जा सकती हैं।
गोल्ड की मौजूदा बाजार में हालात
क्रिस वुड की यह भविष्यवाणी ऐसे वक्त आई है जब अमेरिकी बाजारों में सोने की कीमतें पहले से ही $3,700 प्रति औंस का रिकॉर्ड छू चुकी हैं। वर्तमान में ये दरें $3,600 के आसपास पर स्थिर हैं, लेकिन बाजार में तेजी का माहौल अब भी बरकरार है। भारत में भी फिलहाल सोने की कीमतें ₹1,11,000 प्रति 10 ग्राम के आस-पास चल रही हैं, जो पहले से ही ऐतिहासिक ऊंचाई स्तर पर हैं।
बीते तीन दशक के डेटा पर आधारित गोल्ड के दामो का अनुमान
क्रिस वुड ने बताया कि उनकी यह गणना 1980 के बुल मार्केट के ऐतिहासिक रुझान, अमेरिका की प्रति व्यक्ति आय में औसत सालाना वृद्धि और वैश्विक मौद्रिक नीतियों की दिशा को ध्यान में रखते हुए तय की गई है। उन्होंने बताया कि यदि गोल्ड फिर से अमेरिकी औसत आय का 9.9% हिस्सा बनता है – जैसा कि 1980 में था – तो इसकी कीमतें $6,571 प्रति औंस तक भी जा सकती हैं, जो उनके नए टारगेट $6,600 से बहुत अलग नहीं है।
गोल्ड को लेकर 2002 का पुराना अनुमान हुआ था सही
गौरतलब है कि क्रिस वुड ने सबसे पहले 2002 में सोने के लिए $3,400 का लक्ष्य इसी तरह की एक रिपोर्ट में रखा था, जो दो दशक बाद जाकर पूरा हुआ। लेकिन उनका मानना है कि मौजूदा आर्थिक नीतियों और बाजार की अस्थिरता को देखते हुए यह लक्ष्य पहले ही हासिल हो जाना चाहिए था। उनकी यह भविष्यवाणी निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है कि आने वाले समय में सोना एक बेहतर निवेश विकल्प साबित हो सकता है।
भारत पर पड़ेगा के गोल्ड दामों का गहरा असर
वुड की यह रिपोर्ट न केवल अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए अहम है, बल्कि भारतीय उपभोक्ताओं और निवेशकों के लिए भी एक चेतावनी है कि आने वाले सालों में सोने की कीमतें एक नई ऊंचाई पर जा सकती हैं। इसका असर शादी-ब्याह, आभूषण व्यापार और गोल्ड इन्वेस्टमेंट से जुड़े हर क्षेत्र पर पड़ेगा। भारत में सोना सिर्फ एक निवेश नहीं बल्कि संस्कृति और परंपरा का अहम हिस्सा है, इसलिए कीमतों में इस तरह की बढ़ोतरी का सीधा असर हर उस भारतीय परिवार पर पड़ेगा जो शादी-विवाह या अन्य अवसरों पर सोना खरीदता है।
वुड की यह रिपोर्ट निवेशकों के लिए देती है ये सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को अब अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना चाहिए और सोने को अपने पोर्टफोलियो में शामिल करना चाहिए। उनकी ग्रीड एंड फियर रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल पोर्टफोलियो में गोल्ड की हिस्सेदारी को 2002 से ही प्रमुख प्राथमिकता दी गई है। हालांकि बिटकॉइन जैसी नई परिसंपत्तियों के उदय के बाद उसमें कुछ बदलाव हुए, लेकिन क्रिस वुड का भरोसा अब भी गोल्ड पर कायम है। आने वाले वर्षों में यह भरोसा और भी मजबूत होने जा रहा है, ऐसे में निवेशकों के लिए यह सही समय है कि वे सोने को गंभीरता से निवेश के विकल्प के रूप में देखना अभी शुरू कर दें।




