Adani Power पटना। गौतम अडाणी की कंपनी Adani Power को बिहार में एक बड़ी सफलता मिली है। कंपनी को राज्य में 2400 मेगावॉट क्षमता का एक नया थर्मल पावर प्लांट बनाने और संचालित करने का ठेका मिला है। बिहार राज्य बिजली उत्पादन कंपनी (BSPGCL) ने गुरुवार को इसके लिए अडाणी पावर को आशय पत्र (Letter of Intent) जारी किया है।
यह प्रोजेक्ट न केवल बिहार की बिजली जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा, बल्कि इस क्षेत्र में हजारों नौकरियों का सृजन भी करेगा। कंपनी के मुताबिक, इस हाई-टेक प्लांट पर करीब तीन अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा।
Adani Power के सबसे कम टैरिफ से मिली जीत
इस प्रोजेक्ट को हासिल करने की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। Adani Power ने कड़ी प्रतिस्पर्धा वाली बोली प्रक्रिया में सबसे कम टैरिफ की पेशकश करते हुए यह बड़ा ठेका अपने नाम किया। कंपनी ने प्रति किलोवॉट घंटा महज 6.075 रुपये का टैरिफ प्रस्तावित किया, जो अन्य बोलियों की तुलना में बेहद कम था। इस जीत से अडाणी पावर की बोली लगाने की रणनीति और दक्षता एक बार फिर साबित हुई है।
कैसा होगा Adani Power प्लांट?
यह प्रोजेक्ट भागलपुर जिले में स्थापित किया जाएगा। इसमें 800 मेगावॉट क्षमता वाले तीन यूनिट होंगे, जिनकी कुल क्षमता 2400 मेगावॉट होगी। इस प्लांट को डिजाइन, बिल्ड, फंडिंग, ऑनरशिप और ऑपरेशन (DBFOO) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। इसका मतलब है कि अडाणी पावर पूरी तरह से इस प्रोजेक्ट की डिजाइन, फंडिंग, निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी को संभालेगी।
समयसीमा पर नजर डालें तो पहली यूनिट को आखिरी तय तारीख से 48 महीनों के भीतर ग्रिड से जोड़ दिया जाएगा। वहीं, आखिरी यूनिट की शुरुआत 60 महीने के भीतर तक हो जाएगी।
Adani Power प्लांट से हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार
इस बड़े पैमाने के प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा सामाजिक लाभ यह होगा कि इससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। Adani Power के सीईओ एस. बी. ख्यालिया के मुताबिक, निर्माण के दौरान लगभग 10,000 से 12,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। एक बार संचालन शुरू होने के बाद भी करीब 3000 कर्मचारियों को इस प्लांट में नौकरी मिलने की उम्मीद है।
श्री ख्यालिया ने यह भी बताया कि यह एक अत्याधुनिक, कम उत्सर्जन वाला आधुनिक प्लांट होगा जो राज्य को भरोसेमंद और प्रतिस्पर्धी कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाली बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।
बिहार के विकास में मील का पत्थर
बिहार जैसे राज्य के लिए, जहां बिजली की मांग और ख्प्त्ब लगातार बढ़ रही है, यह प्रोजेक्ट एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह न केवल राज्य में बिजली की उपलब्धता बढ़ाएगा, बल्कि औद्योगिक विकास को भी एक नई गति देगा। अडाणी पावर की यह पहल ‘बिजली सबके लिए’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अडाणी पावर कितनी जल्दी इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारती है और बिहार को एक नई ऊर्जावान दिशा को देती है।




