Adani group News – भारतीय शेयर बाजार में आज Adani group के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। बाजार जानकारों मुताबिक इसकी सबसे बड़ी वजह बाजार नियामक SEBI (सेबी) द्वारा हिंडनबर्ग रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को निराधार ठहराना है। Adani group के निवेशकों के लिए यह राहत भरी खबर साबित हुई, जिसका सीधा असर समूह की कंपनियों के शेयरों पर आज बाजार खुलते ही देखा गया।
शुरुआती कारोबार में Adani group का धमाका
शेयर कारोबार की शुरुआत में ही Adani group टोटल गैस ने बढ़त की कमान संभाली। इसका शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 13 प्रतिशत उछलकर ₹606.80 से उछलकर ₹687.35 के उच्च स्तर तक पहुंच गई। सुबह 9:45 बजे तक यह शेयर 8.55% की मजबूती के साथ BSE पर कारोबार कर रहा था। मिडिया लाइवमिंट की खबर के अनुसार , अदानी पावर ने भी शानदार शुरुआत की और करीब 9% की बढ़त के साथ ₹686.95 तक पहुंच गए। वहीं, निफ्टी 50 में शामिल अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर 5% उछलकर ₹2527.55 के दामो पर ट्रेड करता देखा गया।
अन्य प्रमुख Adani group कीं कंपनियां जैसे अदानी एनर्जी सॉल्यूशंस, अदानी ग्रीन एनर्जी, और अदानी पोर्ट्स के शेयरों में भी 2% से 3% तक की मजबूती दर्ज की गई। साथ ही समूह से जुड़ी सीमेंट कंपनियों सिगाची इंडस्ट्रीज, ACC, और अंबुजा सीमेंट भी 1% तक की तेजी देखने को मिली, जो Adani group को लेकर आई बाजार की पॉजिटिव धारणा को दर्शाता है।
Adani group पर हिंडनबर्ग के आरोप बेबुनियाद साबित
यह तेजी मुख्य रूप से भारतीय बाजार नियामक SEBI के निर्णय से उपजी है। सेबी ने अपनी दो विस्तृत आदेशों में कहा है कि हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा Adani group पर लगाए गए इनसाइडर ट्रेडिंग, बाजार में हेरफेर (मार्केट मैनिपुलेशन) और पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों के उल्लंघन जैसे आरोप जांच के बाद गलत पाए गए हैं।
SEBI (सेबी) ने यह भी उल्लेख किया कि जिन लेनदेन और ऋणों (लोन) पर सवाल उठाए गए थे, वे सभी ब्याज सहित जांच शुरू होने से पहले ही चुका दिए गए थे, और वही धन के किसी प्रकार के दुरुपयोग का कोई आरोप सामने नहीं आया। सेबी ने Adani group की इस दलील को भी स्वीकार किया कि जिन लेनदेन को लेकर आरोप लगाए गए थे, वे सभी व्यवसाय के सामान्य संचालन के तहत किए गए वास्तविक व्यापारिक सौदे भी थे।
शेयर निवेशकों का लौटा विश्वास
SEBI (सेबी) की इस स्पष्ट टिप्पणी को निवेशकों ने बेहद सकारात्मक रूप में लिया है। लगभग दो साल तक चली इस जांच ने Adani group के शेयरों पर एक अदृश्य दबाव भी बनाए रखा था। नियामक की मुहर लगने के बाद अब निवेशकों का आशंकाओं से मुक्त होकर समूह में फिर से विश्वास बढ़ रहा है। यही कारण है कि आज के कारोबार में बड़े पैमाने पर खरीदारी देखी गई।
विश्लेषकों का मानना है कि सेबी का यह फैसला Adani group के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। यह न केवल अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के बीच समूह की विश्वसनीयता को मजबूत करेगा, बल्कि घरेलू बाजार में भी इसके भविष्य के प्रोजेक्ट्स और पूंजी जुटाने के रास्ते को अधिक आसान करेगा। हालांकि, कुछ विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि निवेशकों को अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है और कंपनी के मूलभूत सिद्धांतों और विकास योजनाओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
सेबी की जांच का नतीजा Adani group के पक्ष में रहा है और बाजार ने इसे जमकर खरीदारी करके सराहा भी है। यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि बाजार अंततः तथ्यों और नियामकों के निर्णय पर ही प्रतिक्रिया देता है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि Adani group इस विजय से मिले जनविश्वास का उपयोग भारत के विकास की कहानी में अपना योगदान बढ़ाने के लिए कैसे करता है।




