Ujjain mandi today bhav- उज्जैन जिले की प्रमुख अनाज मंडी में 30 अक्टूबर 2025 को जारी ताजा भावों ने किसानों और व्यापारियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस दिन मंडी में सोयाबीन की भारी आवक दर्ज की गई, जबकि गेहूं, चना और डॉलर चना की आवक अपेक्षाकृत कम रही। दामों में उतार-चढ़ाव ने यह संकेत दिया कि बाजार की स्थिति फिलहाल मिश्रित है। जहां सोयाबीन और गेहूं ने किसानों को स्थिरता का भरोसा दिया, वहीं चना और डॉलर चना ऊंचे दाम पर बिके।
सोयाबीन की सबसे अधिक आवक फिर भी दामों में मजबूती
सोयाबीन की कुल आवक 423 टन से अधिक रही, जो इस दिन की सबसे बड़ी आवक थी। न्यूनतम भाव 2801 रुपये प्रति क्विंटल और अधिकतम भाव 4799 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। मॉडल दर 4150 रुपये रही।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेल उद्योग और निर्यात मांग ने सोयाबीन के दामों को सहारा दिया है। किसानों के लिए यह दर राहत की खबर है, क्योंकि पिछले कुछ समय से सोयाबीन के दाम दबाव में थे।
उज्जैन मंडी में चना सीमित आवक के कारण स्थिर भाव
चना की आवक बेहद कम, केवल 0.18 टन रही। इसके बावजूद इसका भाव स्थिर रहा। न्यूनतम, अधिकतम और मॉडल दर सभी 5175 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गईं।
विश्लेषकों का मानना है कि चना की सीमित आवक और स्थिर मांग ने इसके दामों को संतुलित बनाए रखा है। हालांकि, किसानों का कहना है कि यदि आवक बढ़ी तो दामों में हलचल संभव है।
उज्जैन मंडी में डॉलर चना ऊंचे दाम पर कारोबार
डॉलर चना की आवक केवल 0.05 टन रही, लेकिन इसके दाम ऊंचे स्तर पर दर्ज किए गए। न्यूनतम, अधिकतम और मॉडल दर सभी 8401 रुपये प्रति क्विंटल रही।
यह दर दर्शाती है कि डॉलर चना की मांग बाजार में मजबूत बनी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि सीमित उत्पादन और उच्च गुणवत्ता के कारण डॉलर चना लगातार ऊंचे दाम पर बिक रहा है।
उज्जैन मंडी में गेहूं में स्थिरता के संकेत
गेहूं की आवक 142 टन से अधिक रही। न्यूनतम भाव 2400 रुपये प्रति क्विंटल और अधिकतम भाव 3043 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। मॉडल दर 2900 रुपये रही।
विशेषज्ञों का कहना है कि गेहूं के दामों में स्थिरता बनी हुई है, लेकिन बढ़ती आवक के कारण कीमतों पर दबाव देखा जा सकता है। किसानों का मानना है कि यदि सरकारी खरीद बढ़ी तो दामों में सुधार संभव है।
उज्जैन मंडी में कारोबार को लेकर किसानों और व्यापारियों की प्रतिक्रिया
उज्जैन मंडी में आए किसानों का कहना है कि सोयाबीन और गेहूं के दाम संतोषजनक हैं, लेकिन प्याज और अन्य सब्जियों की तरह स्थिरता की गारंटी नहीं है। वहीं, व्यापारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में मौसम और निर्यात की स्थिति इन दामों को प्रभावित करेगी।
एक स्थानीय व्यापारी ने कहा, सोयाबीन की भारी आवक के बावजूद दाम अच्छे बने हुए हैं। यह किसानों के लिए राहत की बात है। हालांकि, चना और डॉलर चना की सीमित आवक ने इनके दामों को ऊंचा बनाए रखा है।”*
उज्जैन मंडी के 30 अक्टूबर 2025 के ताजा भाव बताते हैं कि बाजार फिलहाल मिश्रित स्थिति में है। सोयाबीन और गेहूं ने किसानों को स्थिरता का भरोसा दिया है, जबकि चना और डॉलर चना ऊंचे दाम पर बिके हैं। आने वाले दिनों में मौसम, सरकारी नीतियां और निर्यात मांग इन दामों को और प्रभावित कर सकती हैं। किसानों और व्यापारियों की नजर अब अगले हफ्ते की आवक और भाव पर टिकी है।



