SIRSA Mandi Bhav: हरियाणा की प्रमुख अनाज मंडियों में से एक सिरसा मंडी में 30 अक्टूबर 2025 को विभिन्न फसलों के भाव जारी किए गए। इस दिन नरमा और कपास के दामों में मजबूती देखने को मिली, जबकि धान की अलग-अलग किस्मों में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। गेहूं, जौ और बाजरे के भाव अपेक्षाकृत स्थिर रहे। किसानों और व्यापारियों की नजरें इन भावों पर टिकी रहीं क्योंकि यह न केवल उनकी आमदनी बल्कि आने वाले दिनों की बाजार दिशा भी तय करते हैं।
नरमा और कपास के दामों में किसानों को राहत
सिरसा मंडी में नरमा का भाव 6000 रुपये से 7400 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा। यह दर किसानों के लिए संतोषजनक मानी जा रही है क्योंकि पिछले कुछ समय से नरमा के दामों में गिरावट का दबाव देखा जा रहा था।
वहीं, कपास का भाव 7000 रुपये से 7160 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। कपास की स्थिरता ने किसानों को राहत दी है। व्यापारियों का कहना है कि निर्यात मांग और स्थानीय मिलों की खरीद ने इन दामों को सहारा दिया है।
गेहूं, जौ और बाजरा के रेट में स्थिरता का संकेत
गेहूं का भाव 2450 रुपये से 2540 रुपये प्रति क्विंटल रहा। यह दर पिछले सप्ताह की तुलना में लगभग स्थिर है।
जौ (बार्ली) का भाव 1900 रुपये से 2150 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया।
वहीं, बाजरे का भाव 1800 रुपये से 1900 रुपये प्रति क्विंटल रहा। इन तीनों फसलों में बड़े उतार-चढ़ाव नहीं दिखे, जिससे किसानों को स्थिरता का भरोसा मिला है।
सिरसा मंडी में धान की किस्मों में उतार-चढ़ाव
धान की विभिन्न किस्मों में इस बार अलग-अलग भाव देखने को मिले।
– धान 1509 का भाव 2600 रुपये से 2960 रुपये प्रति क्विंटल रहा।
– धान 1847 का भाव 2250 रुपये से 2600 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया।
– धान PB-1 का भाव 2700 रुपये से 3019 रुपये प्रति क्विंटल रहा।
– धान 1401 का भाव 3000 रुपये से 3243 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा।
विशेषज्ञों का कहना है कि धान की किस्मों में यह अंतर गुणवत्ता और मांग पर निर्भर करता है। उच्च गुणवत्ता वाले धान की किस्मों को बाजार में बेहतर दाम मिल रहे हैं।
सिरसा मंडी में किसानों और व्यापारियों की प्रतिक्रिया
मंडी में पहुंचे किसानों का कहना है कि नरमा और कपास के दामों ने उन्हें राहत दी है, लेकिन धान की कुछ किस्मों के भाव उम्मीद से कम रहे। एक किसान ने बताया, *“धान 1847 का भाव इस बार अपेक्षाकृत कम रहा, जिससे लागत निकालना मुश्किल हो रहा है। हालांकि, नरमा और कपास के दामों ने थोड़ी राहत दी है।
वहीं, व्यापारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में मौसम और निर्यात की स्थिति इन दामों को प्रभावित करेगी।
सिरसा मंडी में भविष्य के कारोबार की संभावनाएं
विशेषज्ञों का अनुमान है कि नवंबर के पहले सप्ताह तक नरमा और कपास के दामों में स्थिरता बनी रह सकती है। वहीं, धान की किस्मों में आवक बढ़ने के साथ भावों में और उतार-चढ़ाव संभव है। गेहूं, जौ और बाजरे के दाम फिलहाल स्थिर रहने की संभावना है।
30 अक्टूबर 2025 को सिरसा मंडी में जारी भाव बताते हैं कि बाजार फिलहाल मिश्रित स्थिति में है। नरमा और कपास ने किसानों को राहत दी है, जबकि धान की किस्मों में असमानता बनी हुई है। गेहूं, जौ और बाजरे के दाम स्थिर रहे, जिससे किसानों को संतुलन का भरोसा मिला। आने वाले दिनों में मौसम और सरकारी नीतियां इन दामों को और प्रभावित कर सकती हैं।



