Haryana Crime News: हरियाणा के सोनीपत जिले में शुक्रवार सुबह का समय एक ऐसी भीषण घटना का गवाह बना, जिसने पूरे इलाके में दहशत की लहर दौड़ा दी। खरखौदा बाईपास पर थाना कलां चौकी के निकट स्कॉर्पियो वाहन में सवार अज्ञात बदमाशों ने बाइक से जा रहे एक पिता-पुत्र की निर्ममता से हत्या कर दी। इस घटना ने न सिर्फ परिवार के सिर से सहारा छीना, बल्कि इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हत्याकांड का घटनाक्रम
सुबह लगभग पौने दस बजे का समय था जब गोपालपुर निवासी धर्मबीर और उनके बेटे मोहित बाइक पर सवार होकर खरखौदा की ओर जा रहे थे। तभी अचानक एक स्कॉर्पियो वाहन में सवार तीन-चार हमलावरों ने उनके रास्ते को रोका और बिना किसी चेतावनी के उन पर अनवरत गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। गोलियों की बौछार इतनी तेज और सटीक थी कि पिता-पुत्र के शव घटनास्थल पर ही ढेर हो गए। मौके पर मौजूद एक दुकानदार ने बताया, “यह दृश्य देखकर ऐसा लगा जैसे कोई सुनियोजित हमला हुआ हो। हमलावरों ने निशाना साधकर गोलियां चलाईं और तुरंत मौके से फरार होने की कोशिश की।”
हमलावरों का भगदड़ में भागना और बाइक छीना
वारदात के बाद हमलावरों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन भगदड़ में उनका वाहन फ्लाईओवर से टकरा कर क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद उन्होंने तुर्कपुर गांव के निवासी सुरेश की बाइक जबरन छीन ली और उस पर सवार होकर अंजान दिशा में भाग निकले। स्थानीय निवासियों ने बताया कि हमलावर पूरी तरह से हथियारबंद थे और उन्होंने किसी भी तरह की प्रतिरोध की स्थिति में और हिंसा भड़काने का संकेत दिया।
पीड़ित परिवार का सदमा और पुरानी दुश्मनी का इतिहास
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मोहित पर लगभग एक साल पहले भी जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें वह बाल-बाल बच गया था। हैरानी की बात यह है कि मोहित पर स्वयं गांव के एक युवक की हत्या का आरोप लगा था, जिससे पुलिस को पुरानी रंजिश को इस हत्याकांड का मुख्य कारण मान रही है। धर्मबीर के परिवार वाले इस हादसे से सदमे में हैं और उन्होंने प्रशासन से न्याय की मांग की है।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की रणनीति
घटना की सूचना मिलते ही खरखौदा थाना हरियाणा पुलिस, क्राइम यूनिट और एफएसएल की टीमें मौके पर पहुंच गईं। डीसीपी नरेंद्र सिंह ने बताया, “हमने पूरे इलाके में नाकाबंदी कर दी है और हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। हमलावरों की पहचान हो चुकी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।” पुलिस ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए हैं और शवों को पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत नागरिक अस्पताल भेज दिया गया है।
यह हत्याकांड न सिर्फ एक परिवार के लिए त्रासदी है, बल्कि हरियाणा के पूरे समाज के लिए एक चिंताजनक संकेत है। पुरानी दुश्मनियों का इस तरह खून-खराबे में तब्दील होना हरियाणा की कानून व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करता है। हरियाणा पुलिस की त्वरित कार्रवाई से उम्मीद की जानी चाहिए कि जल्द ही दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। हालांकि, सवाल यह है कि क्या ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समाज के स्तर पर कोई ठोस पहल की जाएगी? क्या हम एक ऐसे माहौल का निर्माण कर पाएंगे जहां विवादों का निपटारा कानूनी रास्तों से हो सके?



