Bihar Weather Today, पटना: बिहार इन दिनों मानसून के अंतिम दौर की मार झेल रहा है। आसमान से लगातार गिर रहा पानी आम जनजीवन के लिए मुसीबत बन गया है। बुधवार को राज्य के कई हिस्सों में हुई मूसलाधार बारिश से भी लोगों की परेशानियां बढ़ी है, और अब मौसम विभाग ने और भी भयावह हालात की आशंका जताई है।
बुधवार को वाल्मीकिनगर, वैशाली, बेगूसराय और खगड़िया जैसे जिलों में लगातार मूसलाधार बारिश ने लोगों को घरों में कैद कर दिया। सड़कें जलमग्न हो गईं, यातायात बाधित हुआ और दैनिक दिनचर्या पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गई। बिहार के मौसम विभाग का कहना है कि खासकर सीमांचल के जिलों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
गुरुवार का पूर्वानुमान इन इलाकों में बरसेगी आसमानी आफत
आज यानी गुरुवार को स्थिति और गंभीर होने का भी अनुमान है। मौसम विभाग ने जमुई, मुंगेर, बांका, भागलपुर, खगड़िया के साथ-साथ उत्तर बिहार के सभी जिलों में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान भी जताया है। वहीं, मधुबनी, सुपौल, अररिया, पूर्णिया और कटिहार में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है, जिससे बाढ़ की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
राजधानी पटना समेत भभुआ और लखीसराय जैसे जिलों में हल्की बारिश होने का अनुमान है। हालांकि, तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं की संभावना को देखते हुए पूरे बिहार के लिए यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, यह मौसमी गतिविधि अगले एक से दो दिनों तक जारी रह सकती है। 21 सितंबर के बाद से हालात में सुधार की उम्मीद भी है।
बिहार में क्यों इतना सक्रिय है मानसून?
अगर मौसम विशेषज्ञों की माने तो, इस भीषण बारिश का मुख्य कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर बना एक चक्रवाती हवा का दबाव है। यह सिस्टम समुद्र तल से लगभग 3.1 किमी की ऊंचाई तक उपर की और फैला हुआ है। इसके अलावा, उत्तरी झारखंड में भी एक अलग चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इन सभी मौसमी प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने के कारण मानसून ने अपना विकराल रूप भी धारण कर लिया है।
बिहार में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
इस बारिश का सबसे बुरा असर मुंगेर जिले में साफ़ देखने को मिल रहा है, जहां 6 प्रखंडों की 33 पंचायतें बाढ़ की चपेट में आई हैं। अनुमान है कि यहां दो लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। गंगा नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब तक पहुंच गया है।
शहरी इलाकों में भी हालात बेहतर नहीं हैं। दरभंगा के दरभंगा मेडिकल कॉलेज (DMCH) के परिसर में गंभीर जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे छात्रों और कर्मचारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने तो हॉस्टल छोड़कर घर वापस जाने को ही बेहतर विकल्प माना है।
बिहार के प्रमुख शहरों का हाल (गुरुवार को)
- पटना: अधिकतम तापमान 30.6°C, न्यूनतम 26.5°C, AQI 80 (संतोषजनक)
- मुजफ्फरपुर: अधिकतम तापमान 29.7°C, न्यूनतम 25.5°C, AQI 39 (अच्छा)
- गया: अधिकतम तापमान 31.8°C, न्यूनतम 24.8°C, AQI 45 (अच्छा)
- पूर्णिया: अधिकतम तापमान 30.8°C, न्यूनतम 26.1°C, AQI 62 (संतोषजनक)
- भागलपुर: अधिकतम तापमान 31.2°C, न्यूनतम 25.3°C, AQI 100 (संतोषजनक)
बिहार के लोगो लोगों से अपील की गई है कि वे अगले 48 घंटों के दौरान अत्यावश्यक यात्राओं से बचें और मौसम विभाग द्वारा जारी अपडेट पर नजर बनाए रखें।


