नोएडा समाचार हिन्दी: सर्दियों के मौसम में कोहरे के बढ़ते खतरे को देखते हुए यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति सीमा में महत्वपूर्ण कमी की गई है। प्रशासन ने इस एक्सप्रेसवे पर निजी वाहनों के लिए अधिकतम गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की है। यह नई सीमा 15 दिसंबर से प्रभावी होगी, जिसका उद्देश्य सर्दियों में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।
यमुना एक्सप्रेसवे की सुरक्षा ऑडिट के बाद लिया गया निर्णय
यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण द्वारा कराए गए सुरक्षा ऑडिट में पाया गया कि इस मार्ग पर दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण वाहनों की अत्यधिक गति है। 165 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का 18 किलोमीटर का हिस्सा अलीगढ़ जिले में और 2 किलोमीटर का हिस्सा हाथरस जिले में पड़ता है। ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर ही इस महत्वपूर्ण निर्णय को लिया गया है।
अलीगढ़ की आरटीओ प्रवर्तन अधिकारी वंदना सिंह ने बताया, “सर्दियों के मौसम में कोहरे की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। निजी वाहनों के लिए 80 किमी/घंटा और भारी वाहनों के लिए 60 किमी/घंटा की गति सीमा निर्धारित की गई है। इससे सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।”
यमुना एक्सप्रेसवे पर अब हाई-टेक निगरानी प्रणाली करेगी गति नियंत्रण
यमुना एक्सप्रेसवे पर सीसीटीवी वीडियो डिटेक्शन और स्पीड कैमरों की एक व्यापक नेटवर्क स्थापित किया गया है। यह प्रणाली 24 घंटे वाहनों की गति पर नजर रखेगी। गति सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहनों का ऑटोमैटिक रूप से पता चल जाएगा और उनके खिलाफ ई-चालान काट दिया जाएगा। इस तकनीकी व्यवस्था के कारण नियमों का पालन सुनिश्चित करना अधिक प्रभावी होगा।
अन्य मार्गों पर भी लागू होंगे यही नियम
प्रशासन द्वारा यमुना एक्सप्रेसवे के अलावा अन्य प्रमुख मार्गों पर भी गति नियंत्रण के निर्देश जारी किए गए हैं। अलीगढ़-गाजियाबाद मार्ग और अलीगढ़-मुरादाबाद मार्ग पर भी वाहनों की गति पर नजर रखी जाएगी। इन सभी मार्गों पर 15 दिसंबर से नई गति सीमा लागू हो जाएगी।
यातायात विशेषज्ञों ने की यमुना एक्सप्रेसवे प्रशासन की सराहना
यातायात विशेषज्ञों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। उनका मानना है कि सर्दियों के मौसम में कोहरे के कारण दृश्यता कम हो जाती है, ऐसे में गति सीमा में कमी एक आवश्यक और समयोचित निर्णय है। इससे न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी बेहतर ढंग से सुनिश्चित हो सकेगी।



